कांकेर। नक्सलियों ने जिले के सुरूंगदोह इलाके में पोस्टर-पर्चे फेंके हैं। पर्चें में लिखा है कि गोंड़पाल, गुरदाटोला, फुलचुर आदि गांव में फर्जी नक्सली बन लोगों को डराकर गुंडागर्दी और लूटपाट करने वाले पुलिस के ही जवान हैं। आरोप लगाया कि गुरदाटोला की घटना में पकड़े गए आरोपियों के नाम पुलिस ने इसलिए उजागर नहीं कर रही थी क्योंकि इसमें पुलिस के ही लोग हैं।
पर्चा फेंकने की जिम्मेदारी नक्सलियों की RKB (राजनांदगांव-कांकेर बार्डर) डिवीजन ने ली है। गुरदाटोला गांव निवासी चमरू कवाची के घर 10 जनवरी की रात करीब 2 बजे कुछ लोग पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलते ही हाथ में नकली बंदूक, फरसा, आरी ब्लेड और अन्य हथियार लिए 5 लोग लाल सलाम कहते हुए घर में घुस गए।
बदमाशों ने डेढ़ लाख रूपए की मांग की थी। उनके हाव-भाव देख चमरू और उसका भाई चमरा उनसे भिड़ गए। इसके बाद 3 डकैतों को ग्रामीणों के सहयोग से पकड़ लिया था।