जगदीप धनखड़ को राहत, शीत सत्र में अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला सकेगा विपक्ष

नई दिल्ली:राज्यसभा में जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। विपक्ष को इस मामले में झटका लगा है क्योंकि मौजूदा शीत सत्र में अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता। इसके लिए संविधान के तहत 14 दिन का नोटिस देना जरूरी है, जबकि शीत सत्र में अब सिर्फ 10 दिन ही बाकी हैं। इस कारण अब यह स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष इस सत्र में अविश्वास प्रस्ताव नहीं पेश कर सकता।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा सत्र में यह अविश्वास प्रस्ताव शायद एक राजनीतिक स्टंट के रूप में देखा जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य विपक्ष की ओर से राजनीतिक दबाव बनाना हो सकता है, न कि वास्तविक रूप से प्रस्ताव को पारित करवाना।
राज्यसभा सभापति को हटाने के क्या नियम हैं?
राज्यसभा सभापति को हटाने के लिए 50 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ नोटिस देना होगा। इसके लिए कम से कम 14 दिन का नोटिस देना जरूरी होता है। राज्यसभा में साधारण बहुमत से प्रस्ताव पास होना चाहिए और राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी प्रस्ताव को मंजूरी मिलनी चाहिए। संविधान की धारा 67(b)में सभापति को हटाने का अधिकार दिया गया है।