बीजापुर में बुलडोजर कार्रवाई: DRG दंपती के घर सहित 40 मकान ढहाए, रोते-बिलखते लोग बोले कहां जाएं

बीजापुर। बीजापुर में न्यू बस स्टैंड के पीछे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने अब तक 40 अवैध मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया है। यह कार्रवाई लगातार जारी है।
इस दौरान डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) में पदस्थ एक दंपती का घर भी तोड़ दिया गया, जबकि जवान नक्सल विरोधी अभियान पर ड्यूटी पर गया हुआ है। घर में मौजूद उसकी पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कार्रवाई के दौरान कई महिलाओं और बच्चों की भावुक तस्वीरें सामने आईं। महिलाएं सवाल कर रही थीं कि अब वे कहां जाएं। पीड़ित गंगा माड़वी ने बताया कि वे नक्सली हिंसा के कारण चार साल पहले अपना गांव छोड़कर यहां आए थे। प्रशासन से चर्चा के बाद उन्होंने सरकारी जमीन पर मकान बनाया और नियमित रूप से टैक्स भी जमा किया। तीन महीने पहले उन्हें मकान खाली करने का नोटिस मिला था, जिस पर मामला कोर्ट में चल रहा है। गंगा का आरोप है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि घर नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन अचानक बुलडोजर चला दिया गया। उन्होंने कहा कि गांव लौटे तो नक्सली जान ले लेंगे।
DRG जवान की पत्नी पुष्पा गटपल्ली ने बताया कि उनके पति तीन दिन के ऑपरेशन पर गए हैं। घर में वे अपने तीन बच्चों के साथ अकेली हैं। सुबह से बच्चों ने खाना तक नहीं खाया। बच्चों की किताबें और घरेलू सामान टूटे हुए घर के बाहर बिखरे पड़े हैं।
नगर पालिका परिषद बीजापुर के सीएमओ बी.एल. नुरेटी ने बताया कि न्यू बस स्टैंड के पीछे 55 और शांति नगर में 20 अवैध मकान हैं। कुल 75 मकानों को तोड़ा जाना है। उन्होंने कहा कि इन अतिक्रमणकारियों को पहले दो बार नोटिस दिया जा चुका था। नोटिस के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान मौके पर नगरपालिका, तहसील प्रशासन और भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की सूची भी तैयार की है, लेकिन फिलहाल लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उजड़ने के बाद वे आखिर जाएं तो जाएं कहां।





