छत्तीसगढ़ में 9 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, नवा रायपुर बनेगा टेक्नोलॉजी हब

51,080 करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं से मजबूत होगा कनेक्टिविटी नेटवर्क; सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और ग्रीन स्टील जैसे नए उद्योगों से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद

रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास की तस्वीर तेजी से बदल रही है। पिछले तीन वर्षों में प्रदेश को 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन परियोजनाओं से करीब 1.75 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। सरकार अब कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों के साथ आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों पर भी फोकस कर रही है।

नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर की तैयारी

नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां करीब 1100 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम चल रहा है। इसके अलावा 41,750 करोड़ रुपए के एआई आधारित डेटा सेंटर कैंपस जैसे निवेश प्रस्तावों पर भी सहमति बनी है। राज्य में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई स्थापित की जा रही है। इसमें 152.74 करोड़ रुपए के निवेश से करीब 3500 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

रेल परियोजनाओं से उद्योगों को मिलेगी रफ्तार

प्रदेश में 51,080 करोड़ रुपए की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उद्योगों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटने, निवेश बढ़ने और किसानों को बाजार तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

ग्रीन स्टील और वनोपज में भी संभावनाएं

ग्रीन स्टील क्षेत्र में 13,840 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 10,921 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। वहीं, प्रदेश के 44 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र में उपलब्ध इमली, महुआ, चिरौंजी और औषधीय संसाधनों के प्रसंस्करण से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं।

पारंपरिक उद्योगों से नए क्षेत्रों तक सफर

रायपुर के उरला-सिलतरा, भिलाई-दुर्ग के बोरई, बिलासपुर के सिरगिट्टी और कोरबा प्रमुख औद्योगिक केंद्र हैं। प्रदेश में एमएसएमई और बड़े उद्योगों का नेटवर्क भी विस्तार कर रहा है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुताबिक, नई औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

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