इंडिगो पर 458 करोड़ से ज्यादा का GST जुर्माना, एयरलाइन ने आदेश को अदालत में चुनौती देने का किया ऐलान

दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर CGST के अतिरिक्त आयुक्त (दिल्ली साउथ कमिश्नरेट) ने वित्त वर्ष 2018-19 से 2022-23 के असेसमेंट के तहत ₹458 करोड़ से अधिक का GST जुर्माना लगाया है।
कंपनी ने मंगलवार को बताया कि यह जुर्माना केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम, 2017 की धारा 74 के तहत लगाया गया है। इसमें विदेशी सप्लायर से प्राप्त क्षतिपूर्ति (कंपनसेशन) पर टैक्स, ब्याज और जुर्माना शामिल है, साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट को भी खारिज किया गया।
इंडिगो ने इस आदेश को गलत बताया और कहा कि वह इसे अदालत में चुनौती देगी। कंपनी ने कहा कि इस आदेश का वित्तीय या संचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
यह पहला मामला नहीं है; 30 मार्च को इनकम टैक्स ने कंपनी पर ₹944.20 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, चेन्नई और लखनऊ के अधिकारियों ने अलग-अलग मामलों में मिलाकर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त जुर्माना लगाया।
साल के दौरान इंडिगो को ऑपरेशंस से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। DGCA द्वारा लागू किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों के कारण क्रू मैनेजमेंट में दिक्कत आई और नवंबर-दिसंबर में करीब 5,000 फ्लाइट्स कैंसिल या देरी से उड़ीं। DGCA ने एयरलाइन को विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश दिया।
हालांकि, घरेलू हवाई सफर करने वालों की संख्या बढ़ी है। नवंबर 2025 में 1.53 करोड़ यात्री घरेलू उड़ानों में सफर कर चुके हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 7% अधिक है। जनवरी से नवंबर के बीच कुल 1,526 लाख लोगों ने उड़ान भरी, जो 4.26% की वार्षिक ग्रोथ दिखाता है।
रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चेतावनी दी है कि फ्लाइट्स कैंसिल होने और जुर्माने के कारण इंडिगो को वित्तीय नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद मार्केट शेयर के लिहाज से इंडिगो 63% हिस्सेदारी के साथ देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है, लेकिन सेवा और स्टाफ मैनेजमेंट पर कई सवाल उठ रहे हैं।





