IGKV का 11वां दीक्षांत: 1880 विद्यार्थियों को उपाधियां मिली, राज्यपाल बोले कृषि में वैल्यू एडिशन जरूरी, नई तकनीकों से किसानों को मिल रहा फायदा

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है और तेजी से विकास के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कम होती कृषि भूमि के बीच अब कम जमीन में ज्यादा उत्पादन और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर देना होगा।

रायपुर स्थित विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह मौजूद रहे। समारोह में 1880 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधि दी गई। वहीं, 13 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदक भी मेधावी छात्रों को प्रदान किए गए।

राज्यपाल डेका ने कहा कि कृषि अब केवल पारंपरिक व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ चुकी है। उन्होंने ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मृदा परीक्षण, ई-नाम बाजार और जलवायु अनुकूल खेती जैसी तकनीकों को कृषि का भविष्य बताया। उन्होंने किसानों और युवाओं से आधुनिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बासमती और सुगंधित धान उत्पादन की बड़ी संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई सुविधाएं, कृषि उपकरण और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में फल, फूल, मसाले और मोटे अनाज के उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि अनुसंधान और नवाचार में आगे आने का आह्वान किया।

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