माओवादी हथियार डाल दें, रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेंगे: अमित शाह

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में नक्सलवाद पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर गोली चलाना नहीं चाहती।
उन्होंने माओवादियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं। सरकार उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेगी और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था करेगी।
रविवार को रायपुर के मेफेयर होटल में हुई बैठक में शाह ने नक्सल विरोधी अभियानों, इंटेलिजेंस इनपुट्स, सुरक्षा रणनीति और विकास कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, विभिन्न राज्यों के डीजीपी, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शाह ने कहा कि नक्सलवाद कोई विकास या कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि यह एक विनाशकारी विचारधारा से प्रेरित चुनौती है, जिससे देश को जल्द मुक्ति पाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट विचारधारा जहां-जहां प्रभावी रही, वहां विकास अवरुद्ध हुआ। माओवादियों ने आदिवासी युवाओं को गुमराह कर हथियार थमाए और पूरे क्षेत्र को हिंसा की आग में झोंक दिया। शाह ने दावा किया कि अब माओवाद से 90 प्रतिशत क्षेत्र मुक्त हो चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि डबल इंजन सरकार की रणनीति, सुरक्षा बलों की कार्रवाई, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दस वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनेगा।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ यह अभियान निर्णायक मोड़ पर है और आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और तेज की जाएगी। यह दौरा नक्सल उन्मूलन की दिशा में अंतिम रणनीतिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।





