मुंबई। अगर आप हर महीने ₹10 हजार निवेश कर 15 साल में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो PPF और म्यूचुअल फंड SIP दो लोकप्रिय विकल्प हैं। दोनों में अंतर जोखिम और रिटर्न का है। PPF में सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज मिलता है, जबकि SIP का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। मान लीजिए राहुल और अमित हर महीने ₹10 हजार निवेश करते हैं। 15 साल में दोनों कुल ₹18 लाख निवेश करेंगे।
मौजूदा 7.1% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज दर के आधार पर 15 साल में PPF की रकम करीब ₹32.54 लाख हो सकती है। PPF में निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर सामान्यतः टैक्स नहीं लगता। हालांकि ब्याज दर सरकार समय-समय पर बदल सकती है।
SIP में ज्यादा रिटर्न की संभावना
SIP में रिटर्न निश्चित नहीं होता। अगर 15 साल में औसतन 8% सालाना रिटर्न मिला तो कुल फंड करीब ₹34.83 लाख होगा। इक्विटी म्यूचुअल फंड में लागू LTCG नियमों के अनुसार टैक्स के बाद रकम करीब ₹32.7 लाख रह सकती है।
अगर औसत रिटर्न 10% रहा तो फंड करीब ₹41.79 लाख और टैक्स के बाद लगभग ₹38.9 लाख हो सकता है। यानी PPF की तुलना में करीब ₹6.4 लाख ज्यादा।
वहीं 12% औसत रिटर्न पर फंड करीब ₹50.45 लाख पहुंच सकता है और टैक्स के बाद लगभग ₹46.40 लाख बच सकते हैं। यह PPF से करीब ₹13.90 लाख अधिक है।
आपके लिए कौन-सा विकल्प?
अगर प्राथमिकता पूंजी की सुरक्षा और टैक्स-फ्री रिटर्न है, तो PPF बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं 10-15 साल का नजरिया रखने और बाजार जोखिम सहने की क्षमता वाले निवेशक SIP पर विचार कर सकते हैं।
कई निवेशक दोनों विकल्पों का संतुलित इस्तेमाल करते हैं, जैसे 70% इक्विटी SIP और 30% PPF। हालांकि सही अनुपात आपकी उम्र, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है।
