राजनांदगांव में हाईटेक धर्मांतरण का खुलासा: विदेशी उपकरण और सोलर प्रोजेक्टर बरामद

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम धर्मापुर में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क पुलिस ने पकड़ा है।
आरोपी डेविड चाको कथित रूप से अवैध आश्रम और चर्च चला रहा था, जहां नाबालिग बच्चों को रखा गया था और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित किया जा रहा था। मामले की जानकारी 8 जनवरी को लिखित शिकायत के माध्यम से मिली थी।
जांच में पुलिस को हाई-टेक उपकरण मिले। आरोपी के पास से सोलर-आधारित डिजिटल प्रोजेक्टर, लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड, प्रीमियम मोबाइल फोन, डिजिटल दस्तावेज और वित्तीय अभिलेख बरामद हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि इन प्रोजेक्टरों का उपयोग विशेष रूप से उन गांवों में किया जाता था जहां बिजली की सुविधा नहीं थी। डिजिटल प्रेजेंटेशन दिखाकर ग्रामीणों को प्रभावित किया जाता था।
SP अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क था। दस्तावेजों और फोटोग्राफ्स के विश्लेषण से पता चला कि नेटवर्क राज्य के अन्य जिलों तक फैला हुआ है। सैकड़ों संदिग्धों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
पुलिस का मुख्य फोकस अब फंडिंग स्रोत की जांच पर है। इन महंगे उपकरणों और बड़े पैमाने पर चल रहे आश्रम के लिए धन कहां से आया, यह पता लगाया जा रहा है। पुलिस को शक है कि इसमें विदेशी फंडिंग शामिल हो सकती है।
राजनांदगांव पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। विवेचना अभी जारी है और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई गई है।





