बंजर जमीन पर लहलहाई ग्राफ्टेड फसल: रायगढ़ के किसान ने टमाटर-बैंगन की खेती से कमाए 4.25 लाख, 2.80 लाख का शुद्ध लाभ

रायगढ़। जंगल के करीब स्थित जिस जमीन पर खेती करना मुश्किल था, वहां आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान ने अच्छी आमदनी का रास्ता तैयार कर लिया। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झारआमा के किसान एतवार साय पैकरा ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में बंजर जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती कर 187 क्विंटल उत्पादन हासिल किया। इससे उन्हें 4.25 लाख रुपए की बिक्री हुई।

ग्राफ्टेड खेती में नीचे जंगली बैंगन का रूटस्टॉक और ऊपर टमाटर या हाइब्रिड बैंगन का सायन जोड़ा जाता है। इससे पौधे में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही अधिक पानी, लंबे समय तक सूखा और भारी बारिश जैसी परिस्थितियों को सहन करने में भी यह तकनीक मददगार मानी जाती है।

ड्रिप और मल्चिंग से बदली तस्वीर

गांव से दूर और जंगल के नजदीक स्थित जमीन पर सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण खेती चुनौतीपूर्ण थी। उद्यानिकी विभाग की सलाह पर एतवार साय ने पहले जमीन का समतलीकरण कराया। इसके बाद ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाई। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती की।

1.45 लाख की लागत, 2.80 लाख का मुनाफा

किसान ने 87 क्विंटल टमाटर का उत्पादन किया, जिसे 1.75 लाख रुपए में बेचा। वहीं 100 क्विंटल बैंगन का उत्पादन हुआ, जिसकी बिक्री से 2.50 लाख रुपए मिले। इस तरह कुल 187 क्विंटल उत्पादन से 4.25 लाख रुपए की आय हुई। खेती में करीब 1.45 लाख रुपए की लागत आई और 2.80 लाख रुपए का शुद्ध लाभ हुआ।

अभी और उत्पादन की उम्मीद

ग्राफ्टेड बैंगन की फसल से उत्पादन अभी जारी है। आने वाले समय में 150 से 200 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन की संभावना जताई गई है। इससे किसान को 4 से 5 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। एतवार साय की सफलता से गांव के दूसरे किसान भी आधुनिक और ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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