युवाओं से राज्यपाल की अपील: ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों से करें राष्ट्र निर्माण

रायगढ़। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान का उपयोग विवेक, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जनकल्याण के लिए करना है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।

रायगढ़ स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यपाल ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और स्कूल ऑफ साइंस के 688 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान कीं।

इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 28 को रजत और 29 को कांस्य पदक देकर सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि आज का दौर तेजी से बदलती तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का है।

ऐसे समय में उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना भी है जो ज्ञान के साथ नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की सोच, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा की सच्ची सार्थकता तभी है, जब अर्जित ज्ञान समाज और मानवता के कल्याण में उपयोगी साबित हो।

उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और संस्कारों के बल पर देश के विकास और समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

दीक्षांत समारोह में जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर शालू जिंदल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल, जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर देबोज्योति रॉय और कुलपति डॉ. आर.डी. पाटीदार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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