खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी खलती है’, सोनिया गांधी का केंद्र पर हमला

दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए और कहा कि यह तटस्थता नहीं, बल्कि कर्तव्यहीनता है।
अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित एक ओपिनियन लेख में सोनिया गांधी ने लिखा कि भारत का कोई स्पष्ट जवाब न देना इस दुखद घटना को मौन स्वीकृति देने जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि चल रही कूटनीतिक बातचीत के बीच किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की हत्या अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गंभीर दरार का संकेत है। ऐसे समय में नई दिल्ली की चुप्पी और भी चिंताजनक लगती है।
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने शुरुआती दौर में बड़े हमलों पर टिप्पणी करने से परहेज किया और केवल बाद की घटनाओं पर सीमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बाद में “गहरी चिंता” और “संवाद व कूटनीति” की बात की गई, जबकि हमलों से पहले भी यही प्रक्रिया चल रही थी।
उन्होंने भारत की विदेश नीति की दिशा पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब किसी विदेशी नेता की टारगेटेड किलिंग पर भारत की ओर से संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट बचाव नहीं होता, तो इससे देश की विदेश नीति की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है।





