मनखे-मनखे एक समान’ के सिद्धांत पर चल रही सरकार: मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 12 हजार 970 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित कर दी गई हैं। विभागीय मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित है।
बजट में शिक्षा और युवाओं पर विशेष फोकस
मंत्री साहेब ने बताया कि इस वर्ष का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है। युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु विशेष पहल की गई है:
‘उड़ान, शिखर और मंजिल’: सीजी-एसीई योजना के तहत इन तीन घटकों के माध्यम से युवाओं को यूपीएससी, सीजीपीएससी, मेडिकल और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग और सहायता दी जाएगी। इसके लिए 7.47 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: छात्रावासों में स्थान न मिल पाने वाले विद्यार्थियों की सहायता हेतु 2.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भवन विहीन छात्रावासों के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आजीविका और सामाजिक विकास
परंपरागत व्यवसायों को आधुनिक बनाने के लिए सरकार चर्म शिल्पियों को प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराएगी, जिसके लिए 2 करोड़ रुपये रखे गए हैं। साथ ही, अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
सतनाम पंथ के आस्था के केंद्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता में है। गिरौदपुरी और भण्डारपुरी जैसे तीर्थ स्थलों पर सोलर लाइट, सामुदायिक भवन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।



