छत्तीसगढ़

Farmer Protest Singhu Border Lakhbir Singh Death: लखबीर के लिए न्याय की मांग, उत्तराखंड-यूपी के किसानों पहुंच रहे सिंघु बॉर्डर, आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज, दावा-स्थिति काबू में

नई दिल्ली। (Farmer Protest Singhu Border Lakhbir Singh Death) यूपी-उत्तराखंड के किसान लखबीर सिंह के लिए न्याय की मांग को लेकर सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हो चुके हैं. बवाल को बढ़ने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस ने किसानों को नरेला में रोक दियाय जहां पुलिस ने बल भी प्रयोग किया और आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई.

जानिए क्या है पूरा मामला

(Farmer Protest Singhu Border Lakhbir Singh Death) 15 अक्टूबर को सिंघु बॉर्डर पर 35 साल के लखबीर सिंह निहगों ने बेरहमी से हत्या कर दी. निहंगों ने लखबीर के हाथ पैर काटकर उसे जिंदा बैरियर पर लटका दिया. दर्द से तड़पकर लखबीर की मौत हो गई. इस पूरे मामले में  एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था. वीडियो में निहंग इसे साजिश बता रहे हैं. आगे वीडियो में कह रहे हैं कि इस शख्स को कुछ पैसे देकर सिंघु बॉर्डर पर भेजा गया है. वीडियो में निहंग ये भी दावा कर रहे हैं कि शख्स ने यहां पवित्र धार्मिक किताब की बेअदबी करने की कोशिश की.

निंहगों ने शख्स की हाथ की कलाई और पैर काटा

(Farmer Protest Singhu Border Lakhbir Singh Death) इस दौरान निहंगों ने शख्स का हाथ कलाई से काट दिया. निहंगों ने शख्स का पैर भी काटा. वीडियो में निहंग इसका दावा भी करते सुनाई दे रहे हैं. इसके बाद निहंगों ने शख्स को बैरिकेड के साथ लटका दिया. मामले में चार निहंग सिंह पुलिस के सामने सिरेंडर कर चुके हैं. जिनमें से सरबजीत नाम के आरोपी को कोर्ट ने 7 दिन और बाकी तीन आरोपियों को कोर्ट ने 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है.

पुलिस की बढ़ी चिंता

अचानक से दूसरे राज्यों के किसानों का ज्यादा से ज्यादा सिंघु बॉर्डर पर पहुंचना टकराव को ओर बढ़ा सकता है. स्थिति नियंत्रण के बाहर हो सकता है. लेकिन किसानों को सिंघु बॉर्डर आने से पहले नरेला में रोका गया. जहां लाठीचार्ज भी हुई. पुलिस का दावा है कि अब स्थिति काबू में हैं.

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लखबीर केस में 4 लोगों की गिरफ्तारी

लखबीर केस में दो निहंगों को गिरफ्तार कर लिया गया. जबकि 2 ने सरेंडर कर दिया था. इस मामले में कुल 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. हालांकि मामले में विवाद थमने के बजाय बढ़ रहा है. एक तरफ किसान नेता राकेश टिकैत इसे केंद्र की एक साजिश बता रहे हैं तो वहीं सरकार भी किसान आंदोलन को ‘हिंसक’ बता रही है. वैसे लखबीर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है. बताया गया है कि लखबीर के शरीर पर 36 चोट के निशान थे, उसे काफी बेरहमी से पीटा गया था.

संयुक्त किसान मोर्चा ने खुद को इस विवाद से रखा अलग

अभी के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने खुद को इस विवाद से पूरी तरह दूर रखा है. वे निहंगों को भी अपने किसान आंदोलन का हिस्सा नहीं मान रहे हैं. लेकिन लखबीर के न्याय के लिए चुनावी रण बने उत्तराखंड और यूपी से किसान आना शुरू हो गए

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