नए भारत की नई कार्य संस्कृति का प्रतीक है प्रगति पोर्टल: सीएम साय

85 लाख करोड़ की 3,300 से अधिक परियोजनाओं को मिली गति, छत्तीसगढ़ में 99 राष्ट्रीय परियोजनाएं प्रगति पर
रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रगति पोर्टल नए भारत की नई कार्य संस्कृति का सशक्त प्रतीक है, जो मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस की सोच को जमीन पर उतार रहा है।
उन्होंने कहा कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच योजनाओं और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक प्रभावी सेतु बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री आज रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि अब तक प्रगति पोर्टल के माध्यम से देशभर में 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति दी गई है। इसके साथ ही 61 प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार और 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी प्रगति प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग हो रहा है। राज्य में वर्तमान में 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
इनमें से 50 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से जुड़े 200 मुद्दों में से 183 का समाधान किया जा चुका है, जिससे समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रगति पोर्टल ने वर्षों से लंबित भिलाई स्टील प्लांट आधुनिकीकरण, लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट और रायपुर-कोडेबोड फोरलेन जैसी परियोजनाओं को गति दी है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।





