गरियाबंद

Gariyaband: मुंगझर सरपंच के खिलाफ दो पंचों ने खोला मोर्चा, लगाया ये आरोप

रवि तिवारी@गरियाबंद। (Gariyaband) मुंगझर सरपंच संजू कश्यप के खिलाफ पंचायत के दो पंच राहुल कश्यप और सहदेव नेताम ने मोर्चा खोल दिया है। दोनों पंचों ने एसडीएम अनुपम आशीष टोप्पो को आवेदन कर आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा 14वे वित्त की राशि में फर्जीवाड़ा किया गया है,वही पंचों ने एसडीएम से गुहार लगाया है कि मामले की जांच करते हुए उचित कार्रवाई किया जाए

(Gariyaband) एसडीएम को ज्ञापन सौपने पहुँचे पंच राहुल कश्यप और सहदेव नेताम ने बताया कि 11 बिंदु पर एसडीएम को ज्ञापन दिया गया है,दोनों पंचों ने बताया कि 27-06-2020 को एक ही तिथि में देवभोग के एक वेंडर को एक लाख 50 हज़ार,1 लाख 30 हज़ार,2 लाख 50 हज़ार और 15  हज़ार का ऑनलाइन एफटीओ किया गया है,पंचों ने आरोप लगाया है कि जब छड़,सीमेंट,गिट्टी और रेत उनसे खरीद लिया जाता है,

परंतु उक्त साम्रगी को 27-06-2020 से आज तक कार्यस्थल पर डाला ही नही गया है,पंचों ने एसडीएम को दिए गए आवेदन में बड़े फर्जीवाड़ा की आसंका व्यक्त करते हुए जांच की मांग की है,दोनों पंचों की मॉने तो एक ही डेट में एक ही एजेंसी को 4 एफटीओ होना फर्जीवाड़े को दर्शाता है,वही पंचों ने यह भी आरोप लगाया है कि उसी तारीख को देवभोग के एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान को 26 हज़ार 100 रुपये और आठ हज़ार 970 रुपये का एफटीओ किया गया है,

(Gariyaband) उन्होंने बिजली दुकानदार को दिए गए राशि के एवज में क्या क्या सामग्री की खरीदी की है,उसकी भौतिक सत्यापन किये जाने की मांग पंचों ने किया है, वही देवभोग के एक ट्रेडर्स को ही 27-06-2020 को 22 हज़ार 300 रुपये का एफटीओ किया गया है,उसकी भी भौतिक सत्यापन किये जाने की मांग दोनों पंचों द्वारा की गई है,इसी तरह एक पुस्तक दुकान से 10 हज़ार की स्टेशनरी कोरोना काल में खरीदने का आरोप पंचों ने लगाया है,वही उसकी भी भौतिक सत्यापन किये जाने की मांग पंचों ने एसडीएम के सामने रखी है,इसी के साथ ही एक और ट्रेडर्स के नाम पर 20 हज़ार रुपये डालने का आरोप पंचों ने लगाया है,उसकी भी भौतिक सत्यापन किये जाने की मांग रखी गयी है,वही 14वे वित्त की राशि की जांच होते तक 15वे वित्त की राशि पर रोक लगाए जाने की मांग पंचों द्वारा एसडीएम से की गई है

जमीन कमाने वाले के खाते में पैसे डालने का लगाया आरोप

दोनों पंचों ने एसडीएम को दिए गए आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि सरपंच के जमीन कमाने वाला एक व्यक्ति के खाते में 20 हज़ार 800 रुपये डाला गया है,पंचों ने उसकी भी जांच किये जाने की मांग की है,वही गॉव के एक अन्य व्यक्ति के खाते में 27 तारीख को ही 12 हज़ार 600 रुपये एफटीओ किया गया है,

पंचों का आरोप

नही हुआ पंचायत में बड़ा कार्यक्रम तो टेंट हाउस वाले को भुगतान कैसे-: दोनों पंचों ने एसडीएम को दिए गए आवेदन में यह भी जिक्र किया है कि सरपंच संजू कश्यप ने मार्च 2020 में जब से पंचायत का प्रभार लिया है,तब से आज तक पंचायत में कोई बड़ा कार्यक्रम नही हुआ है,ऐसे में गॉव के ही एक टेंट हाउस को 17 हज़ार 600 रुपये का भुगतान किया गया है,पंचों ने आवेदन में जिक्र भी किया है कि जब कि 14 वे वित्त की राशि को टेंट में लगाया जाना शासन के नियमो के विपरीत है,

जेठानी के पुत्री के खाते में भी पैसे भेजने का लगाया आरोप-: पंचों ने सरपंच पर जेठानी की पुत्री के खाते में 19 हज़ार 500 रुपये भेजने का आरोप लगाया है,पंचों की मॉने तो अपने नातेदारों को पंचायत की राशि का लाभ देना शासन के नियमों को ताक पर रखकर काम करने जैसा है,

पुत्र के खाते में पैसे भेजने का सरपंच पर लगाया आरोप

पंचों ने एसडीएम को सौपे गए आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत के जिम्मेदार पद पर बैठने के बाद भी सरपंच ने नियम कायदों को ताक पर रखा और अपने पुत्र के खाते में पंचायत का करीब 39 हज़ार रुपये एफटीओ कर दिया,पंचों ने दिए गए आवेदन में जिक्र भी किया है कि पंचायत राज अधिनियम में साफ उल्लेख है कि कोई भी पंचायत का पद धारी अपने नातेदार को वित्तीय एवम अन्य लाभ नही पहुचायेगा,

मामले में एसडीएम अनुपम आशीष टोप्पो ने कहा कि मुंगझर सरपंच के खिलाफ दो पंचों ने आवेदन किया है,पंचों ने 14वे वित्त की राशि में फर्जीवाड़ा किये जाने का आरोप लगाया है,मामले की जांच की जाएगी,वही जो भी तथ्य सामने आएंगे,उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी

मुंगझर सरपंच ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वही मुंगझर की सरपंच संजू कश्यप ने उन पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उन्होंने 14वे वित्त से पूरा काम करवाया है,वही पुत्र के खाते में पैसे डाले जाने को लेकर सरपंच ने कहा कि उनके घर के ट्रेक्टर से पंचायत का पूरा काम करवाया गया था,ऐसे में भुगतान को लेकर जब उन्होंने सचिव से चर्चा किया तो सचिव ने ही खुद कहा था कि छोटा बिल है,घर वालों का लगा दीजिये,इसके बाद मैंने बिल लगाया था,जहां तक जेठानी के पुत्री को भुगतान करने का आरोप लगा रहे है,वह भी गलत है,कोरोना काल में शासन के निर्देशानुसार आमजनों के स्वास्थ्य को गम्भीरता से लेते हुए मास्क बनवाया था,वही मास्क का ही भुगतान उन्हें किया गया है,वही पंचायत में 14वे वित्त से पुलिया भी बनाना था,लेकिन रेत नही मिलने के चलते पुलिया का काम शुरू नही हो पाया है,

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