आज से ‘प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार’: जनसमस्या निवारण शिविरों का आगाज; मौके पर ही होगा शिकायतों का निपटारा

रायगढ़। ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है।
शुक्रवार से जिले में “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान की शुरुआत हो रही है। इस अभियान के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ कलेक्टर से लेकर तमाम विभागों के आला अधिकारी सीधे जनता से संवाद करेंगे और उनकी शिकायतों का निराकरण करेंगे।
कापू से अभियान की शुरुआत
अभियान का पहला शिविर आज धरमजयगढ़ ब्लॉक के कापू तहसील मुख्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस शिविर में ग्रामीण अपनी मांग, शिकायत और लंबित प्रकरणों के आवेदन सीधे संबंधित विभागों को सौंप सकेंगे। प्रशासन की कोशिश है कि छोटे और मध्यम स्तर के मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया जाए।
शिविरों का विस्तृत शेड्यूल
जिला प्रशासन ने अप्रैल तक का पूरा कैलेंडर जारी कर दिया है, ताकि लोग पूर्व तैयारी के साथ पहुंच सकें:
- 12 मार्च: मुकडेगा (लैलूंगा)
- 13 मार्च: तमनार
- 19 मार्च: पुसौर
- 20 मार्च: छाल
- 27 मार्च: लैलूंगा
- 2 अप्रैल: घरघोड़ा
- 4 अप्रैल: खरसिया
मौके पर निराकरण और जिला स्तरीय मॉनिटरिंग
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन शिविरों का उद्देश्य केवल कागज जमा करना नहीं, बल्कि परिणाम देना है।
- तत्काल समाधान: संभव प्रकरणों का निराकरण उसी दिन किया जाएगा।
- समय-सीमा: जटिल मामलों के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाएगी और आवेदकों को सूचित किया जाएगा।
- जवाबदेही: शिविर के एक सप्ताह के भीतर जनपद पंचायत के सीईओ को निराकरण रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
शिविरों में राजस्व, जनपद पंचायत और अन्य सभी प्रमुख विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। इस पहल से ग्रामीणों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।





