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गुपचुप स्टॉल से सेंटरिंग प्लेट कारोबार तक: लखपति दीदी मंजू बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर। सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा जिले के लेमरू दौरे में आत्मनिर्भरता और संघर्ष की एक प्रेरक कहानी सामने आई। मुख्यमंत्री ने यहां ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी लखपति दीदी मंजू के छोटे से स्टॉल पर पहुंचकर उनके हाथों से बने गुपचुप का स्वाद लिया और उनसे आत्मीय बातचीत की।

मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान मंजू बहन ने अपनी संघर्षभरी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने छोटे स्तर पर गुपचुप स्टॉल लगाकर परिवार की आर्थिक मदद शुरू की थी। धीरे-धीरे बचत और मेहनत के दम पर उन्होंने भवन निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सेंटरिंग प्लेट के व्यवसाय में कदम रखा। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत और आत्मविश्वास से आज वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने मंजू बहन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है और ग्रामीण महिलाओं को आत्मसम्मान व रोजगार से जोड़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी महिला को अवसर और सही मार्गदर्शन मिलता है तो वह न केवल खुद आगे बढ़ती है, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बनती है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान भी किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने मंजू को लखपति दीदी योजना के तहत 30 हजार रुपए का प्रोत्साहन चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से मंजू बहन भावुक नजर आईं।

लेमरू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंजू की सफलता की कहानी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।

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