एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की पोस्टिंग के पहले ही दिन सफल ऑपरेशन, अब बड़े शहरों पर निर्भरता खत्म
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश के नवगठित जिलों में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
1 जून 2026 को जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में पहली बार सफल सिजेरियन प्रसव कराया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। ऑपरेशन के बाद नवजात की किलकारी गूंजते ही अस्पताल परिसर में खुशी का माहौल बन गया। वर्तमान में मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
जिला अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी के कारण सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही थी।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के बाद एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. कुन्ती नायक की सेवाएं अस्पताल को मिलीं। खास बात यह रही कि कार्यभार संभालने के पहले ही दिन उन्होंने मेडिकल टीम के साथ मिलकर सफल सिजेरियन ऑपरेशन को अंजाम दिया।
इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन की जिम्मेदारी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रानू मनहर ने संभाली। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. कुन्ती नायक और प्रशिक्षित मेडिकल टीम के सहयोग से ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा।
कलेक्टर के निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन के सतत प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हो सकी।
अब तक जटिल प्रसव की स्थिति में गर्भवती महिलाओं को रायगढ़, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई परिवारों को निजी अस्पतालों में इलाज के लिए भारी खर्च भी उठाना पड़ता था।
जिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने से अब गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अपने जिले में ही निःशुल्क और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन और डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया है।
लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित होकर क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
