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इंदौर हादसे के बाद रायपुर निगम अलर्ट: बनेगा जल बोर्ड, ड्रोन से टैक्स-चोरों पर नजर; MIC के 10 बड़े फैसले

रायपुर। मध्यप्रदेश के इंदौर में गंदे पानी से 18 लोगों की मौत के बाद अब रायपुर नगर निगम भी हरकत में आ गया है।

8 जनवरी को महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक में शहर में जल बोर्ड के गठन का बड़ा फैसला लिया गया। इसके तहत अब पेयजल आपूर्ति, सीवेज प्रबंधन और जल संसाधनों के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी एक समर्पित जल बोर्ड के पास होगी।

वर्तमान में अलग-अलग जोन और वार्डों में जल वितरण और पाइपलाइन विस्तार को लेकर आ रही समस्याओं के समाधान के लिए यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

बैठक में ड्रोन आधारित प्रॉपर्टी टैक्स मैपिंग को भी मंजूरी दी गई है। 5.80 करोड़ की लागत से शहर का डिजिटल सर्वे होगा, जिससे टैक्स चोरी पर रोक लगेगी और निगम के राजस्व में इजाफा होगा।

पुलिस और निगम की टीम ड्रोन के जरिए अवैध निर्माण और छिपी हुई संपत्तियों की पहचान करेगी।

MIC ने कुल 10 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत खालसा स्कूल के सामने से हटाए गए 69 दुकानदारों को क्रिस्टल आर्केड के पास नई दुकानें बनाकर बसाया जाएगा।

शहर के 6 प्रमुख मार्गों को नो-फ्लेक्स जोन घोषित किया गया है, जहां अवैध बैनर-पोस्टर पर पूरी तरह रोक रहेगी। डिवाइडर और विज्ञापन स्ट्रक्चर की सफाई व पेंटिंग की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों को सौंपी जाएगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से कुशालपुर क्षेत्र में 1.65 करोड़ की पाइपलाइन पुशिंग, विधायक कॉलोनी से एनएच-53 तक 1.94 करोड़ और लाभांडी से छोकरा नाला तक नाला निर्माण को मंजूरी मिली है। अमृत 2.0 मिशन में माइलस्टोन पूरे करने पर निगम को 15 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिली है।

रायपुर विकास योजना के तहत 18 प्रमुख जंक्शनों के सुधार पर 10 करोड़ खर्च होंगे। वहीं 15वें वित्त आयोग के तहत सड़क, ड्रेनेज और वायु गुणवत्ता सुधार कार्यों के लिए 1.80 और 2.16 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन फैसलों से रायपुर में जल, स्वच्छता, सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।

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