रंगों का त्योहार बना मातम: तालाब में डूबने से तीन नाबालिग छात्रों की मौत

दिल्ली। होली का खुशियों भरा त्योहार आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में मातम में बदल गया। यहां तालाब में डूबने से तीन नाबालिग छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के गन्नावरम मंडल स्थित चिक्कवरम कण्ड्रिका गांव में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। होली खेलने के बाद तालाब के पास गए तीन नाबालिग छात्र पानी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना मंगलवार, 3 मार्च 2026 की शाम करीब 6 बजे हुई।
पुलिस के अनुसार, होली खेलने के बाद तीनों बच्चे तालाब के पास हाथ-मुंह धोने और नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पहले एक लड़का तालाब में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बाकी दो लड़के भी पानी में कूद गए, लेकिन गहराई ज्यादा होने के कारण तीनों खुद भी डूब गए।
मृतकों की पहचान डी. नवीन कुमार (11 वर्ष), वेंकट जोसेफ (16 वर्ष) और साई (16 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों बच्चे एक ही गांव के रहने वाले थे और आपस में अच्छे दोस्त बताए जा रहे हैं। घटना की खबर मिलते ही गांव के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।





