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ईद पर दावत-कुर्बानी से बचने की अपील की इस मुस्लिम देश ने, कारण बता रहा ये…

रबात।  उत्तर अफ्रीकी देश मोरक्को इस बार ईद-उल-अजहा पर भेड़ों की कमी से जूझ रहा है और लोगों से ईद पर भेड़ न खरीदने और दावत व कुर्बानी से बचने की अपील की गई है। यह घटना 29 वर्षों में पहली बार हो रही है, जब मोरक्को में ईद पर इस प्रकार की सलाह दी गई है। 

मोरक्को के राजा मोहम्मद VI ने अपनी परंपरा से हटकर लोगों से ईद-उल-अजहा पर भेड़ न खरीदने की अपील की है। इसके कारणों को बताते हुए इस्लामी मामलों के मंत्री अहमद तौफीक ने कहा कि आर्थिक और जलवायु संबंधी चुनौतियों के कारण मोरक्को के लोग कुर्बानी और भोज से वंचित हैं। महंगाई की वजह से लोगों से यह सलाह दी गई है कि वे इस बार दावत और कुर्बानी से बचें।

भेड़ों का दाम छू रहा आसमान

मोरक्को में भेड़ों की कीमतें आसमान छू रही हैं, और यह एक बड़ा मुद्दा बन गया है। सरकार ने कहा कि अगर इस मुश्किल समय में भेड़ें खरीदी जाती हैं, तो इसका नुकसान देश के गरीब हिस्से को होगा, खासकर उन परिवारों को जिनकी आय सीमित है। इस समय मोरक्को की औसत मासिक आय 302 डॉलर है, जो कि एक भेड़ की कीमत से कम हो सकती है।

चारागाहों की कमी से भेड़ो की संख्या में गिरावट

मोरक्को पिछले छह साल से सूखा झेल रहा है, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ी है और भेड़ों की कीमतें चढ़ी हैं। इस साल बारिश भी पिछले 30 वर्षों के औसत से 53% कम हुई है, जिससे चरागाहों की कमी हो गई है और भेड़ों की संख्या में गिरावट आई है। सरकार ने इस समस्या का समाधान करने के लिए पशुओं पर सब्सिडी देने के अलावा ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और रोमानिया से भेड़ों का आयात भी किया है। यह पहला मौका नहीं है, जब मोरक्को के राजा ने इस प्रकार के आदेश जारी किए हैं। इससे पहले राजा हसन द्वितीय ने अपने शासनकाल में तीन बार इसी तरह के आदेश दिए थे।

मोरक्को के लोग साधारण तरीके से त्योहार मनाने के लिए तैयार

देश में कुछ ट्रेड यूनियनों और कार्यकर्ता समूहों ने बुनियादी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का विरोध किया है, और उनका कहना है कि सरकार के प्रयास इस महंगाई को रोकने में पर्याप्त नहीं हैं। इस बार मोरक्को के लोग ईद के त्यौहार को साधारण तरीके से मनाने के लिए तैयार हैं, और इस बार ईद पर भेड़ों की खरीदारी और दावत से बचने की अपील की गई है।

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