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तूफान ‘दितवाह’ का असर: बस्तर में बारिश की चेतावनी, ठंड का असर कम होगा

बस्तर। बंगाल में बने चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के प्रभाव के कारण बस्तर संभाग में अगले दो दिनों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि कई क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और ठंड बढ़ने की गति फिलहाल धीमी पड़ेगी। पूर्वी और दक्षिणी हवाओं के सक्रिय रहने से नमी भी बढ़ सकती है।

प्रदेशभर में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, लेकिन इसके बाद तापमान में गिरावट होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में राज्य का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज हुआ।

स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से होने वाले हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर से बचाव के लिए आवश्यकतानुसार ही बाहर निकलें और गर्म कपड़े पहनें। शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना जरूरी है।

सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड जारी है। दो दिन पहले अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घना कोहरा था। वाड्रफनगर इलाके में विजिबिलिटी कोहरे के कारण 100 मीटर तक गिर गई थी। पेंड्रा के गांवों और कस्बों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं।

नवंबर का महीना छत्तीसगढ़ में आमतौर पर ठंड की शुरुआत का समय होता है, लेकिन रिकॉर्ड बताते हैं कि कभी यह महीना अत्यधिक ठंड या तेज गर्मी व बारिश लेकर आया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 नवंबर 1935 को अब तक का सबसे अधिक तापमान 35.6 डिग्री दर्ज हुआ था। वहीं, 22 नवंबर 1883 को न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो नवंबर महीने की सबसे ठंडी रात मानी जाती है।

तूफान ‘दितवाह’ के प्रभाव से बस्तर में बारिश, बादल और नमी बढ़ने की संभावना है, जबकि ठंड का असर फिलहाल कम रहेगा। नागरिकों को मौसम के अनुसार सतर्क रहने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

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