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फाइटर हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू, कॉकपिट से दिया देश को संदेश

दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। वे प्रचंड हेलिकॉप्टर में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनीं। इससे पहले भी वे सुखोई और राफेल जैसे लड़ाकू विमानों में उड़ान भरकर नई मिसाल कायम कर चुकी हैं।

सुबह करीब 9:15 बजे राष्ट्रपति जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंचीं, जहां वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं की जानकारी दी। इसके बाद करीब 10:15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ उन्होंने 25 मिनट की उड़ान भरी। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई निरीक्षण किया। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने कॉकपिट से सैल्यूट कर वीर सैनिकों का सम्मान भी किया।

जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग के ऊपर उड़ान भरते समय राष्ट्रपति मुर्मू ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा, “मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। यह आत्मनिर्भर भारत का प्रबल प्रतीक है। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत।”

राष्ट्रपति की यह उड़ान न केवल देश की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन है, बल्कि स्वदेशी रक्षा तकनीक पर बढ़ते भरोसे का भी प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि आज शाम पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति भी मौजूद रहेंगी।

इस अभ्यास में वायुसेना के लड़ाकू विमान अपनी मारक क्षमता और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रपति की यह ऐतिहासिक उड़ान देश के लिए गर्व का क्षण बन गई है।

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