रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विभाग के जोन-6 में मैनपॉवर सप्लाई का ठेका ऐसी कंपनी को दिए जाने का आरोप है, जिस पर पहले से ही आर्थिक गड़बड़ी और गबन के आरोप लगे हैं। इस मामले की लिखित शिकायत आबकारी आयुक्त से की गई है।
शिकायत के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने ‘ऑल सर्विसेज ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी को शराब दुकानों के लिए सुपरवाइजर और सेल्समैन उपलब्ध कराने का काम सौंपा है। आरोप है कि कंपनी से बिना बैंक गारंटी या सिक्योरिटी डिपॉजिट लिए ही करोड़ों रुपए का ठेका दे दिया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
नियमों के मुताबिक, किसी भी वेंडर को काम देने से पहले सुरक्षा राशि जमा कराना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में किसी वित्तीय अनियमितता की स्थिति में नुकसान की भरपाई की जा सके। बावजूद इसके, अधिकारियों ने इस प्रक्रिया को नजरअंदाज किया।
आरोप यह भी है कि संबंधित कंपनी का रिकॉर्ड पहले से ही विवादित रहा है। वर्ष 2024-25 में इसी कंपनी पर लाखों रुपए के गबन का मामला दर्ज हुआ था और इसकी शिकायत पुलिस में भी की गई थी। इसके बावजूद उसी कंपनी के सुपरवाइजर और सेल्समैन को दोबारा नियुक्त करने की अनुमति दे दी गई।
जोन-6 में धमतरी, जगदलपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे जिले शामिल हैं, जहां अब यह कंपनी मैनपॉवर सप्लाई करेगी। विभाग द्वारा हाल ही में जोनों की संख्या 12 से घटाकर 8 कर दी गई है, जिससे इस तरह के ठेकों का दायरा और बढ़ गया है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर विभागीय अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। शिकायत के बाद अब जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
