संदेश गुप्ता @धमतरी। (Dhamtari) मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत झाझरकेरा के आश्रित ग्राम भालुचुआ में तीन दंतैल हाथियों में से एक हाथी ने कमार महिला को पटकपटक कर मार डाला। महिला का शव पूरी तरह से क्षत विक्षत हो गया है। जो कि तीन अलग-अलग जगहों में पड़ा मिला।
जानकारी अनुसार (Dhamtari)भालुचुआ के कमार पारा निवासी कमला बाई कमार 61 वर्ष का पति पपीत राम के साथ सोमवार की रात्रि झगड़ा हुआ था। कमला बाई अपने पति के झगड़ा लड़ाई से परेशान हो कर गांव के प्रमुख लोगों को बताने निकली थी। रात्रि 12 बजे के लगभग निस्तारी तालाब के पास दंतैल हाथी में से एक हाथी ने कमला बाई को पटक –पटक कर मार डाला। घटना की जानकारी मिलते ही केरेगांव रेंज, उत्तर सिंगपुर वन विभाग टीम व मगरलोड पुलिस पहुँची। सुबह महिला की शव को इकट्ठा कर मर्ग कायम कर पीएम के लियेबभेज दिया गया।
गांव में हाथियों ने उत्पात मचाया
दंतैल हाथियों ने गांव के केला बाड़ी ,और धान खरही को नुकसान पहुचाया है। थाना के उपनिरीक्षक विवेचक सुभाष लाल ने बताया कि पति पत्नी में झगड़ा होने के बाद पत्नी गांव के लोगों को बताने जा रही थी। इसी बीच हाथी ने महिला को अपना शिकार बना लिया। जिसके तीन टुकड़े हो गए थे। टीआई के साथ पुलिस रात में ही पहुंच गई थी। (Dhamtari)सुबह मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
डीएफओ ने घटना को दुखद बताया
रात्रि में घटना की जानकारी मिलते ही डीएफओ धमतरी सतोविषा समाजदार मौके पर पहुँचकर घटना को दुखद बताया ।अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि दंतैल हाथियों पर सतत निगरानी बनाये रखे।ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक जाने से मना करे। उन्होंने बताया कि इस मामले में छह लाख मुआवजा राशि दी जाएगी लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह राशि किसे दी जाएगी क्योंकि महिला का पति कमार नहीं है। महिला का और कोई नहीं है। उपसरपंच ने बताया है कि उसकी बेटी को मुआवजा राशि दी जाए। इस संबंध में कलेक्टर और सीसीएफ से भी सलाह ली जा रही है।
तत्काल दस हजार रुपये की सहयोग राशि दी गई
केरेगांव रेंजर रूपेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि वन विभाग द्वारा महिला के परिवार को तत्काल दस हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है ।साथ ही आसपास गांवो में मुनादी कराई गई है।
एक दिन पहले जंगली हाथी के ठीक होने की तस्वीर आई थी सामने
एक नर दंतैल हाथी ने इंसान के हाथ से दवाई खाई बार बार खाई और उसकी बीमारी बिल्कुल ठीक हो गई, उग्र स्वभाव वाले इस नर हाथी ने इस दौरान किसी को कोई नुकसान नही पहुँचाया, किस्सा रेंगाराजा नाम के हाथी का है, जिसका वैसे तो टेक्निकल नाम एमई-5 है लेकिन ये हाथी रेंगाखार गांव के जंगल मे ही लंबे समय से है इसलिए प्यार से इसका नाम रेंगाराजा रख दिया गया है, इसको लेकर धमतरी डीएफओ सतोविषा समाजदार ने बताया कि जो हाथी 1 किलोमीटर भी नही चल पा रहा था अब वो एक दिन में ही 10 किलोमीटर चलने लगा है दौड़ने भी लगा है, ये बेशक बड़ी कामयाबी कही जाएगी, और धमतरी में इंसान और जंगली हाथियों के बीच भरोसे के रिश्तों की शुरुआत भी कही ला सकती है।