Dhamtari: पुलिस लॉकडाउन में व्यस्त, जुआरी खेतों में मस्त, कहीं गंगाधर ही शक्तिमान तो नही..? बड़ा सवाल

संदेश गुप्ता@धमतरी। (Dhamtari) कोरोना अब चारों तरफ फैल चुका है, क्या गांव क्या शहर सभी इसकी चपेट में हैं, शासन ने इसकी चैन तोड़ने के लिए ताला बंदी कर रखी है, इस ताला बंदी को सफल करने की जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर सबसे ज्यादा है, कौन बेवजह घूम रहा है, किसने समय के बाद भी दुकान खोल रखी है, कहा जाम लगा है, ये सब व्यवस्था पुलिस को ही देखनी है, (Dhamtari) पुलिस की इस मसरूफियत का लाभ राजसी खेल यानी द्यूतक्रीड़ा के प्रेमी उठा रहे हैं,
(Dhamtari) जी हाँ आज कल सामाजिक बुराई कहा जाने वाला और कानूनन अपराध माना जाने वाला खेल जुआ कभी राजाओं का खेल माना जाता था, और महलों में खेला जाता था अब ये गाँवो के खेतों और जंगलों में चलता है, बड़ी संख्या में ग्रामीणों को इसकी लत है, सरकार से धान बेच कर मिले पैसों को बादशाह, बेगम, गुलाम और इक्के पर दांव में लगाया जा रहा है,
नया मामला कुरुद के चर्रा गाँव का है, कुरुद थाने से महज 4-5 किलोमीटर ही दूर, मोंगरा रोड में सोसायटी के आगे पड़ी खाली खेतो में बीते डेढ़ माह से रोजाना बावन परियों के दीवाने इकट्ठे होते है, दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक 25 से 30 जुआरी फड़ में जाते हैं, और लाखों रुपये हार जीत का खेल होता है, कुछ जुआरियों ने बताया कि चेतन और राजेंद्र नाम के दो शख्स इस फड़ के आयोजक प्रायोजक हैं, जो जुआरियों से मोटी नाल वसूलते है कोई हारे कोई जीते लेकिन चेतन और राजेंद्र की रोजाना की कमाई फिक्स रहती है,
इस नाल के एवज में फड़ में सुरक्षा और सुविधाएं भी दी जाती हैं मसलन पीने का पानी, गुटखा, शराब, बीड़ी, और फड़ के चारो तरफ चौकन्ने चौकीदार जो किसी भी खतरे का आभास होते ही सिटी बजा कर सबको अलर्ट कर देते हैं, अगर कोई इन्हें पकड़ने की कोशिश भी करेगा तो समय रहते सब को मौके से भगाने की तैयारी रहती है, इस जुआ से ग्रामीण तो बर्बाद हो ही रहे हैं थोड़े पैसों के लालच में गांव के युवक भी यहाँ चौकीदारी का काम करते हैं और गलत रास्ते की ओर बढ़ रहे हैं।
अब सवाल उठता है कि पुलिस क्या कर रही है, हमने ये सवाल कुरुद थाना प्रभारी श्री सेंगर से किया, उनका साफ कहना था कि रोजाना उनकी पेट्रोलिंग टीम चर्रा की तरफ जाती है लेकिन जुआ फड़ की जानकारी उनको कभी नही मिली, फिर हमारा सवाल था कि क्या पुलिस सूचना तंत्र पूरी तरह फ़ेल है तो सेंगर साहब ने सूचना तंत्र को मजबूत होने का दावा किया, हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि अब वो इस मामले में जरूर कार्रवाई करेंगे
लेकिन आखिरी सवाल ये की अगर सूचना तंत्र मजबूत है, रोज पेट्रोलिंग भी होती है… और जुआ भी धड़ल्ले से चल रहा है… तो क्या गंगाधर ही शक्तिमान नहीं है..???