विश्वनाथ गुप्ता@धमतरी। नए साल के स्वागत में हर 31 दिसम्बर को जश्न होता है. पर्यटन स्थलों पर भीड़ उमड़ती है. लेकिन इस बार यही भीड़ कोरोना की तीसरी लहर को जन्म दे सकती है. इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है.
धमतरी की बात करें तो यहाँ का गंगरेल बांध नए साल में लोगो का फेवरेट डेस्टिनेशन होता है. हज़ारों की संख्या में लोग 31 दिसम्बर से नए साल के पहले सप्ताह तक यहाँ नए साल का स्वागत करने आते हैं. इस बार भी यहाँ लोग आए लेकिन संख्या कम रही. फिर भी भीड़ जुटी. दूसरे जिलों और राज्यों से आये लोगों ने गंगरेल बांध में बोटिंग का लुत्फ उठाया और अपने अनुभव साझा किए. गंगरेल में वोटिंग और रेस्टारेंट के संचालकों ने सारे इंतजाम पुख्ता किये थे. लेकिन कोविड के खतरे पर लापरवाही दिखाई दी. सभी लोग बिना मास्क, बिना डिस्टेनसिंग के घूमते फिरते रहे, न इन्हें कोई रोकने वाला था न टोकने वाला, लोगो ने अपनी लापरवाही खुद कबूली।
पर संचालकों ने अपनी लापरवाही के सवाल पर बहाने लगा दिए और मानने को तैयार ही नही थे कि कही कुछ लापरवाही भी है।
धमतरी के एसपी और कलेक्टर ने दावा किया था कि उनकी टीम लगातार कोविड गाइडलाइन पर निगाह रखेगी। लेकिन यहाँ न पुलिस का कोई अधिकारी नज़र आया और न ही प्रशासन का।