पेयजल समस्या और अवैध निर्माण पर डिप्टी सीएम अरुण साव सख्त: धमतरी के EE निलंबित, ठेकेदार पर पेनाल्टी के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को रायपुर के सर्किट हाउस में आयोजित मैराथन समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही और लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर बड़ी गाज

डिप्टी सीएम ने धमतरी पेयजल योजना में अत्यधिक देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने काम में सुस्ती बरतने वाले कार्यपालन अभियंता (EE) को तत्काल निलंबित करने और संबंधित ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं होगा।

प्रमुख निर्देश: पेयजल और जलभराव का समाधान

पीएम आवास योजना और अन्य योजनाएं

उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अधूरे मकानों को सितंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि 18 माह के भीतर घर बनाने वाले हितग्राहियों को ‘मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना’ के तहत 32,850 रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। साथ ही, पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।

अधिकारियों को नसीहत

बैठक में विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. सहित सभी निगमों के आयुक्त मौजूद थे। डिप्टी सीएम साव ने अधिकारियों से कहा कि निकाय अपनी छवि सुधारें। नगर निगमों को ऐसा काम करना चाहिए जिससे नगर पालिकाएं और पंचायतें प्रेरणा ले सकें। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और शहरों के सौंदर्यीकरण के लिए नई तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। 21 अप्रैल को वे नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

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