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पर्यावरण संरक्षण और वनवासी कल्याण के लिए ₹3,622 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता तथा परिवहन मंत्री केदार कश्यप के विभागों के लिए 3,622 करोड़ 86 लाख 35 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सरकार ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से प्रदेश को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए संकल्पित है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन: देश में तीसरा स्थान

छत्तीसगढ़ वर्तमान में वन आवरण के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है। विभाग के लिए ₹2,867.30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आगामी वर्षा ऋतु में 3.50 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य है। वन्यजीवों के रहवास विकास हेतु ₹320.58 करोड़ और ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के लिए ₹23.50 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ‘चरणपादुका योजना’ (₹60 करोड़) और ‘राजमोहिनी देवी सामाजिक सुरक्षा योजना’ (₹50 करोड़) की घोषणा की गई। ई-कुबेर योजना हेतु विभाग को ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार’ मिला है। साथ ही, बिलासपुर का कोपरा जलाशय राज्य का पहला ‘रामसर स्थल’ घोषित हुआ है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का विस्तार परिवहन विभाग के लिए ₹243.50 करोड़ का बजट रखा गया है। 80 मार्गों पर 81 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे 560 गांवों को पहली बार सुगम परिवहन मिला है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने हेतु ₹100 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान है। एएनपीआर और रडार कैमरों के लिए ₹50 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

किसानों को ब्याज मुक्त ऋण सहकारिता विभाग के लिए ₹389.40 करोड़ की मांगें पारित हुईं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन ऋण देने हेतु ₹300 करोड़ का प्रावधान है। 515 नई पैक्स समितियों में गोदाम निर्माण हेतु ₹150 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

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