दिल्ली। साइक्लोन दितवाह रविवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों से टकराने वाला है। इससे पहले श्रीलंका में भारी तबाही मच चुकी है, जहां बाढ़ और भूस्खलन से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 भारतीय यात्री कोलंबो एयरपोर्ट पर तीन दिन से फंसे हैं। भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु शुरू कर 27 टन राहत सामग्री और NDRF की टीमों को श्रीलंका भेज दिया है।
मौसम विभाग ने तमिलनाडु के कुड्डालोर, नागपट्टिनम, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू समेत कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश और 90 kmph तक की हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। तटीय इलाकों में तेज रफ्तार हवाओं के कारण समुद्र उफान पर है और कई क्षेत्रों में पानी भरने लगा है।
तमिलनाडु में बारिश की तीव्रता बढ़ने के बाद 54 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। रामेश्वरम-चेन्नई रूट पर 11 ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है। इंडिगो ने जाफना, तूतीकोरिन और तिरुचिरापल्ली के लिए उड़ानें कैंसिल कर दी हैं। राज्य में 14 NDRF टीमें पहले से तैनात थीं, इसके अलावा पुणे और वडोदरा से 10 अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं।
पुडुचेरी में 2 NDRF टीमें लगाई गई हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं और पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम में सभी स्कूल-कॉलेज सोमवार तक बंद हैं। यहां समुद्र पूरी तरह अशांत है और पुलिस ने तट पर आवाजाही रोक दी है। 900 से ज्यादा नावें सुरक्षित स्थानों पर खड़ी कर दी गई हैं।
आंध्र प्रदेश में भी 3 दिसंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी है। पेन्ना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तूफान के चलते तमिलनाडु के कई जिलों नागपट्टिनम, थिरुवरूर, थूथुकुडी और तंजावुर में घरों और मंदिरों में पानी घुस गया है। चक्रवात का तटीय इलाकों पर असर बढ़ रहा है और प्रशासन पूरी तैयारी के साथ बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
