11 साल बाद रायपुर को मिला जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क का तोहफा, बनेगा देश का चौथा बड़ा सेंटर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबार और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से अटका हुआ राज्य का पहला ‘जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क’ अब हरी झंडी मिलने के बाद जल्द आकार लेगा।
छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन (CSIDC) ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए पंडरी स्थित रायपुर मंडी की खाली जमीन पर इसे पीपीपी (Public Private Partnership) मोड में विकसित करने का निर्णय लिया है।
इस परियोजना को अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड को सौंपा गया है, जिसे सरकार को 112.40 करोड़ रुपये का प्रीमियम भी देना होगा।
कंपनी को अगले पांच वर्षों में इस आधुनिक ज्वेलरी पार्क का निर्माण पूरा करना होगा। यह पार्क मुंबई, सूरत और कोलकाता के बाद देश का चौथा बड़ा जेम्स एंड ज्वेलरी हब होगा।
इस प्रोजेक्ट से रायपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने की उम्मीद है। यहां डिजाइन स्टूडियो, असेसिंग लैब, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, हाई-टेक सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इससे सोना-चांदी और हीरे के आभूषण निर्माण की लागत घटेगी और गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों को मुफ्त स्किल ट्रेनिंग देकर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाएंगे।
यह पार्क केवल व्यापारिक केंद्र नहीं होगा, बल्कि इसे ‘वेडिंग डेस्टिनेशन शॉपिंग मॉल’ के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहां कपड़े, फोटोग्राफी और शादी से जुड़े सभी सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी।
वर्तमान में रायपुर का सराफा कारोबार सदर बाजार और पंडरी जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर फैला हुआ है, जिससे त्योहार और शादी के सीजन में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। नया पार्क बनने के बाद कई बड़े शोरूम यहां शिफ्ट होंगे, जिससे शहर का दबाव कम होगा।
CSIDC के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के अनुसार, यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सराफा मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा, वहीं सराफा एसोसिएशन ने भी इसे राज्य के व्यापारिक विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।





