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Covid-19: चुनावी रैलियों और रोड शो को लेकर नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने क्या कहा…. ?

नई दिल्ली। नीति आयोग के सदस्य और भारत के कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख वीके पॉल ने चुनाव आयोग को कहा कि देश में मौजूदा कोविड की स्थिति बड़ी रैलियों और रोड शो के लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नहीं होने चाहिए।

हालांकि, आयोग का विचार है कि राजनीतिक दलों को इस तरह के बड़े पैमाने पर रैलियों और रोड शो को अपने दम पर रोकना चाहिए। इस तरह के आयोजनों को रोकने के लिए चुनाव आयोग की ओर से कोई कदम उठाने की संभावना नहीं है।

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ओमिक्रॉन वेरिएंट पर चुनाव आयोग ने जताई थी चिंता

चुनाव आयोग ने पहले पांच राज्यों को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर से विधानसभा चुनावों के लिए अच्छी तैयारी करने और वैक्सीनेशन को बढ़ाने की बात कही थी। लेकिन तेजी से फैल रहे ओमिक्रॉन वेरिएंट ने इस समय चुनावों पर चिंता जताई है। अधिकारियों को टीका लगवाने और मतदान केंद्रों को बढ़ाने के भी निर्देश जारी किए है। आयोग ने हाल ही में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण से मुलाकात की और देश में कोविड की स्थिति पर चर्चा की।

सभी विजय जुलूसों और उत्सवों पर लगाया था प्रतिबंध

बता दें कि पिछले साल अप्रैल में जब कोविड महामारी की दूसरी लहर ने भारत में ताडंव मचाया था तब चुनाव आयोग ने बंगाल में प्रत्येक राजनीतिक रैली में 500 लोगों की अनुमति दी थी। बाद में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद सभी विजय जुलूसों और उत्सवों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले साल चुनाव आयोग को लगाई थी फटकार

पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने दूसरी लहर के दौरान चुनाव कराने को लेकर चुनाव आयोग को फटकार लगाई थी। अदालत ने कहा था कि चुनाव आयोग ने चुनावी रैलियों को सुपर-स्प्रेडर इवेंट बनने से रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

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