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JNU में मोदी-शाह के खिलाफ नारे पर बवाल, साबरमती हॉस्टल के बाहर प्रदर्शन के बाद FIR दर्ज

दिल्ली। ल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से लगाए गए आपत्तिजनक नारों के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

यह एफआईआर JNU के साबरमती हॉस्टल के बाहर हुई घटना को लेकर विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) की शिकायत पर दर्ज की गई है।

CSO के अनुसार, घटना के समय मौके पर करीब 30 से 35 छात्र मौजूद थे। शुरुआती तौर पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण था, लेकिन 2020 दिल्ली दंगों की साजिश के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद माहौल गरमा गया और भड़काऊ नारे लगाए जाने लगे। CSO ने शिकायत में कहा है कि कुछ छात्रों की पहचान कर ली गई है और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

दरअसल, 6 जनवरी को सोशल मीडिया पर 35 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि 5 जनवरी की रात JNU परिसर में “मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर” जैसे नारे लगाए गए। वीडियो के सामने आने के बाद JNU प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे राष्ट्रविरोधी विचारधारा का प्रसार बताया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ छात्रों के गुस्से की अभिव्यक्ति करार दिया।

वहीं, JNU प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय को नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा और ऐसे कृत्य को कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन मानते हुए दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन भी शामिल हो सकता है।

उधर, 2020 दिल्ली दंगों की साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पांच आरोपी जेल से रिहा हो चुके हैं, जबकि उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इसी फैसले की पृष्ठभूमि में JNU में यह विवाद खड़ा हुआ है, जिसने एक बार फिर कैंपस की राजनीति और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर बहस छेड़ दी है।

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