स्पीकर के खिलाफ कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, राहुल गांधी को बोलने न देने पर लोकसभा में हंगामा, सदन 12 बजे तक स्थगित

दिल्ली। बजट सत्र के 10वें दिन मंगलवार को लोकसभा में भारी हंगामे के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी। सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
विपक्ष की मांग थी कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने दिया जाए। हंगामे के बीच महज एक मिनट बाद ही चेयर पर मौजूद पीसी मोहन ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इस बीच कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि जल्द ही लोकसभा के सेक्रेटरी-जनरल को इस संबंध में नोटिस भेजा जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और राहुल गांधी को बार-बार सदन में बोलने से रोका जा रहा है।
सदन के बाहर राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर चल रहे विवाद पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि या तो जनरल नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर पब्लिशिंग कंपनी पेंगुइन। राहुल ने स्पष्ट किया कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जनरल नरवणे झूठ नहीं बोलेंगे। यह बयान पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के उस स्पष्टीकरण के बाद आया, जिसमें कंपनी ने कहा था कि जनरल नरवणे की किताब अब तक प्रकाशित नहीं हुई है और उसके सभी अधिकार उनके पास हैं।
पेंगुइन ने यह भी कहा कि न तो किताब की कोई प्रिंटेड कॉपी आई है और न ही डिजिटल संस्करण सार्वजनिक किया गया है। कंपनी की ओर से सफाई इसलिए दी गई, क्योंकि किताब की अनधिकृत प्रतियों के लीक और ऑनलाइन सर्कुलेशन के दावे सामने आए हैं। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज की है।
दरअसल, राहुल गांधी इस किताब को लेकर लोकसभा जाना चाहते थे और इसी मुद्दे पर बोलने की मांग कर रहे थे। विपक्ष इस बात पर अड़ा है कि राहुल को सदन में अपनी बात रखने का मौका दिया जाए। इसी को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है और संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है।





