अफीम की खेती के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेगी कांग्रेस, विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एक नेता के खेत में अफीम की खेती सामने आने के बाद यह मामला अब विधानसभा तक पहुंचने वाला है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाने की रणनीति बनाई है और सरकार से जवाब मांगने की तैयारी कर ली है।
राज्य विधानसभा का बजट सत्र 9 मार्च से फिर शुरू हो रहा है। सत्र के दौरान विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कांग्रेस विधायक इस मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव यानी स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश में सूखे नशे के कारोबार को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं और अब सत्ताधारी दल से जुड़े नेता के खेत में अफीम की खेती मिलने से सरकार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस मामले को लेकर कांग्रेस का आरोप है कि सरकार नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही है। इसी कारण विपक्ष सदन में सरकार से कार्रवाई और जवाबदेही की मांग करेगा।
इसके साथ ही धान खरीदी, राशन वितरण व्यवस्था, आंगनबाड़ी सेवाओं और कुपोषण जैसे मुद्दों को भी विधानसभा में उठाने की तैयारी की गई है। प्रश्नकाल के दौरान खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संबंधित गांव समोदा का दौरा किया था। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली थी। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की है।
बताया जा रहा है कि सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें इस मुद्दे को लेकर अंतिम रणनीति तय की जाएगी। पार्टी के विधायकों को तैयारी के साथ सदन में आने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इस मामले पर सरकार को घेरा जा सके।





