Raipur: भारी विरोध के बीच किसान का अंतिम संस्कार, प्रशासन ने NRDA भवन के सामने श्रद्धांजलि की नहीं दी अनुमति

रायपुर। नवा रायपुर के आंदोलन के दौरान किसान की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। दोपहर बाद किसान के शव को शहादत के नारों के साथ मिट्टी दी गई। इस दौरान वहां पर आसपास के गांवों के हजारो लोग पहुंचे हुए थे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने वहां भारी पुलिस बल की व्यवस्था थी।
किसान NRDA भवन के सामने रखकर श्रद्धांजलि देना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने शव ले जाने से इंकार कर दिया। तनाव को देखते हुए मृतक किसान के गांव बरौदा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी फोन पर मृतक किसान के बेटे से बात की है।
CG: किसान की मौत का मामला पकड़ा तूल, बरौदा में शव को सड़क पर रखकर डटे किसान, 50 लाख रुपए की मुआवजा राशि की मांग
जब तक नहीं दी जाएगी मुआवजा राशि, नहीं करेंगे अंतिम संस्कार
किसानों ने 50 लाख रुपए के मुआवजा राशि की मांग की । किसानों का कहना था कि जब तक मुआवजा राशि नहीं दी जाएगी। तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वही भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के नेता गौरीशंकर श्रीवास ने इस पूरे मामले में कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों को कांग्रेस की सरकार भूल चुकी है। उन्होंने बीजेपी किसान मोर्चा की ओर से मृतक किसान के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग की थी।
सीएम ने किसान के बेटे से की बात
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृतक किसान के बेटे से फोन पर बात कर दुख व्यक्त किया । साथ ही उन्होंने मुआवजा संबंधी मामले पर अपर मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए । मुख्मंत्री ने कहा कि वे इसे दुख की घड़ी में मृत किसान परिवार के साथ है और परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी।