राजधानी में 6 साल बाद सबसे ठंडा मार्च, बारिश और बर्फबारी ने बदला मौसम का मिजाज

दिल्ली। मार्च का महीना खत्म होने को है, लेकिन गर्मी की जगह दिल्ली समेत उत्तर भारत में गुलाबी ठंड ने फिर से दस्तक दे दी है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश ने मौसम का गणित पूरी तरह बदल दिया है। आलम यह है कि दिल्ली में 6 साल बाद सबसे ठंडा मार्च दर्ज किया गया है।

बारिश का फिर से अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा। हालांकि दो दिन राहत के बाद 26 मार्च (गुरुवार) को एक बार फिर गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है। आसमान में बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट बनी रहेगी, जिससे लोगों को समय से पहले आ गई गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी राज्यों का हाल
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 से 28 मार्च के बीच मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी का अनुमान है। इस दौरान 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

10 राज्यों में मौसम का असर
पश्चिमी विक्षोभ का असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों में अलर्ट जारी किया गया है:

राजस्थान: यहां मार्च के अंत तक दो अलग-अलग वेदर सिस्टम सक्रिय रहेंगे।

मध्य प्रदेश: साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण उज्जैन और ग्वालियर संभाग में आंधी-बारिश की संभावना है।

पंजाब और हरियाणा: 26 और 29 मार्च को तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

झारखंड और पश्चिम बंगाल: 26 से 29 मार्च के बीच आंधी और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।

बिहार: यहां भी मौसम विभाग ने बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान जारी किया है।

पूर्वोत्तर (असम, मेघालय, अरुणाचल): 24 से 28 मार्च के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

महाराष्ट्र: 24-25 मार्च को छिटपुट बदलाव दिखेंगे।

दक्षिण भारत: कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें पड़ सकती हैं।

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