रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में लापरवाही और अनियमितता पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र परिवार को उसके हिस्से का पूरा राशन तय समय पर मिले। खासकर पहाड़ी कोरवा सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले परिवारों को राशन लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के आमानारा गांव में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से फोन पर मामले की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जांच में शिकायत सही मिली
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को बताया कि शिकायत मिलते ही मामले की जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित राशन दुकान को निलंबित कर दिया गया है। हितग्राहियों को राशन मिलने में परेशानी न हो, इसके लिए पहाड़ी कोरवा परिवारों सहित अन्य हितग्राहियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चिड़ोडी की राशन दुकान से जोड़ दिया गया है।
ई-पॉस रिकॉर्ड का होगा मिलान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राशन वितरण से जुड़े सभी अभिलेखों की जांच की जाए। ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण और हितग्राहियों को वास्तव में दिए गए खाद्यान्न का मिलान किया जाए। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
साय ने अधिकारियों से PDS की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ राशन की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी, सहज और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुशासन की प्राथमिकता है। कोई भी पात्र परिवार अपने अधिकार के खाद्यान्न से वंचित न रहे, इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
