रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 01 फरवरी से माघपूर्णिमा के अवसर पर प्रारंभ हो रहे राजिम कुंभ कल्प, शिवरीनारायण मेला एवं सिरपुर महोत्सव के लिए प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने कहा कि ये आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं के प्रतीक हैं, जो प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में विख्यात राजिम में महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर आयोजित होने वाला राजिम कुंभ कल्प प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है।
राज्य सरकार इसकी ऐतिहासिक गरिमा और परंपरा को पुनर्स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से ‘राजिम माघी पुन्नी मेला’ को पुनः ‘राजिम कुंभ कल्प’ नाम दिया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस वर्ष राजिम कुंभ कल्प का आयोजन 01 फरवरी माघपूर्णिमा से 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक किया जाएगा, जिसे रामोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
इस दौरान त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान, साधु-संतों के प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने माघपूर्णिमा पर शिवरीनारायण में महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के संगम पर लगने वाले मेले तथा महानदी तट पर आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन की भी शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि ये आयोजन धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान देंगे।
