रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 के तहत पात्र आवासहीन परिवारों को समय पर पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास 2.0 लैंड टास्क फोर्स की बैठक हुई।
बैठक में अधिकारियों को नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि का सर्वेक्षण और चिन्हांकन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों से कहा कि प्रधानमंत्री आवास 2.0 के संभावित हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यक प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करें।
उन्होंने विशेष रूप से आबादी भूमि पर रहने वाले पात्र परिवारों का सत्यापन कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि राज्य का कोई भी पात्र आवासहीन परिवार योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
बैठक में नगरीय निकायों की वर्तमान और भविष्य की आवासीय जरूरतों का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य की आबादी और आवास की मांग को ध्यान में रखते हुए अभी से भूमि उपलब्ध कराने और परियोजनाओं की योजना बनाई जाए, ताकि समय पर हितग्राहियों को आवास मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों की पहचान कर जरूरत के अनुसार आवास निर्माण की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. शंगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध कार्यों की नियमित समीक्षा पर भी सहमति बनी।
