मुख्यमंत्री ने “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का किया शुभारंभ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया।
धार्मिक विधि-विधान के साथ उन्होंने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना की और पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं, संत समाज और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को मजबूत करेगी तथा सामाजिक एकता को नई ऊर्जा देगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयासरत है और सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है।
उन्होंने पदयात्रा के समापन पर विशाल मेले के आयोजन की जानकारी देते हुए सभी नागरिकों से इसमें सहभागी बनने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष को त्यागकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक आयोजित यह “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” 18 से 22 फरवरी 2026 तक चलेगी, जिसका उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विविध सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।





