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पहली बार नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करेगा छत्तीसगढ़: 7-8 जनवरी को ट्रायल, 14 से 29 फरवरी तक होगा मुकाबला; मशाल गौरव यात्रा रवाना

रायपुर। छत्तीसगढ़ देश में पहली बार आयोजित होने जा रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है।

इस ऐतिहासिक आयोजन के प्रचार-प्रसार के लिए शुक्रवार को नवा रायपुर से मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

उप मुख्यमंत्री एवं खेल व युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने अपने शासकीय निवास कार्यालय से प्रचार वाहन को रवाना किया। यह वाहन राज्य के सभी जिलों का भ्रमण करेगा और गांव-गांव व शहर-शहर जाकर लोगों को ट्राइबल गेम्स की जानकारी देगा। यात्रा के साथ आयोजन का शुभंकर ‘मोरवीर’, थीम सॉन्ग और मशाल भी शामिल है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है कि देश में पहली बार हो रहे नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी राज्य को मिली है।

उन्होंने इसके लिए भारत सरकार और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का आभार जताया और बताया कि फरवरी में होने वाले इस महाआयोजन की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। आमजन को जोड़ने और खिलाड़ियों में उत्साह भरने के लिए मशाल गौरव यात्रा शुरू की गई है।

खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में कुल सात खेलों—हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग—को शामिल किया गया है। देशभर से आदिवासी खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेंगे। एथलेटिक्स और तीरंदाजी की प्रतियोगिताएं जगदलपुर में होंगी, जबकि शेष खेल राजधानी रायपुर में आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिता 14 से 29 फरवरी तक चलेगी।

छत्तीसगढ़ की टीम के चयन के लिए 7 और 8 जनवरी को ट्रायल आयोजित होंगे। बिलासपुर के बहतराई स्थित स्व. बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के ट्रायल होंगे, वहीं रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेटलिफ्टिंग के ट्रायल लिए जाएंगे।

इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। यह आयोजन आदिवासी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच देने और उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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