रायपुरराजनीति

Chhattisgarh: भाजपा के लिये न किसान और न धान, बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण धान घोटाला और नान घोटाला, पढ़िए पत्रकारवार्ता के प्रमुख बिन्दु

रायपुर। (Chhattisgarh) प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन एवं कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी के पत्रकारवार्ता के प्रमुख बिन्दु….

भाजपा आंदोलन न करें भाजपा किसानों को हिसाब दे

(Chhattisgarh) भाजपा के लिये न किसान और न धान : रहा महत्वपूर्ण घोटाला धान और घोटाला नान

1.            (Chhattisgarh) केन्द्र की भाजपा सरकार के किसान विरोधी कानूनों पर हिसाब दे।

2.            (Chhattisgarh) भाजपा के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्रों में 2022 में आय दुगनी करने और स्वामिनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने जैसे वादों का हिसाब दे।

3.            राज्य में 15 साल किसानों के साथ हुये अन्याय एवं भेदभाव का हिसाब दे।

4.            15 साल में हुयी किसान आत्महत्याओं का हिसाब दे।

5.            15 सालों में छत्तीसगढ़ में हुयी किसानों से धोखाधड़ी और वादाखिलाफी का हिसाब दे।

भाजपा के 15 साल में छत्तीसगढ़ में किसानों से किया गया छल

छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की 15 साल में की गयी धोखाधड़ी एक-एक दाना धान खरीद।

5 हासपावर पंपो की मुफ्त बिजली

2100 रू. समर्थन मूल्य

300 रू. बोनस।

किसान आत्म हत्याओं पर संवेदना शून्य बनी रही भाजपा सरकार।

केन्द्र की भाजपा सरकार की धोखाधड़ी

2022 में आय दुगनी करने का कोई रोड मैप नहीं।

स्वामिनाथन कमेटी लागू नहीं – मापदंड बदल दिये।

किसान कानून – 1 – प्राईवेट मंडी

किसान कानून – 2 – कान्टेक्टफार्मिंग

किसान कानून – 3 – बड़े जमाखोरों और बड़े मुनाफाखोरो को खुली छूट।

छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को केन्द्र सरकार के किसान कानूनों पर विश्वास नहीं है।

न किसी भी भाजपा नेता को प्राईवेट मंडी में बेचा न किसी अन्य राज्य में बेचने गये।

चूंकि जिलास्तर का आंदोलन है। 28 जिलों के प्रमुख भाजपा नेताओं की धान बिक्री का विवरण जारी कर रहे है।

भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वर से कांग्रेस की चुनौती भाजपा शासित राज्यों में किसानों को धान का दाम और धान खरीदी की स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करें।

आंदोलन करने का इतना ही शोक है। तो भाजपा नेता दिल्ली जाये। छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में धान बेचने वाले भाजपा नेताओं को धान खरीदी पर आंदोलन में शामिल होने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

किसान सम्मान निधि नहीं है सम्मान

भाजपा करती है किसानों का अपमान

किसानों को अनुदान नहीं है उनका सच्चा सम्मान

किसान चाहते है अपनी फसल का सही दाम

3 रू. प्रतिदिन और वह भी कुछ ही परिवारों को

नहीं है मजदूर किसानों का सही सम्मान

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने किया है किसानों का सही सम्मान

ऽ              लाख किसानों के 11270 करोड़ रूपये की ऋण माफी। (5000 करोड़ रूपये व्यवसायिक बैंकों का सम्मिलित)

धान खरीदी रिकार्ड 80 लाख टन से अधिक। 2500/रूपये प्रति क्विंटल की दर से/समर्थन मूल्य 1750/- प्रति क्विंटल से 750 प्रति क्विंटल अधिक कुल लाभ – 8 करोड़ क्विंटल ग 750/- 6000 करोड़ का अतिरिक्त लाभ।

ऽ              प्रति एकड़ किसानों को 28250 रूपये का लाभ

1              प्रति एकड़ कर्जा माफी-17000

2              प्रति क्विंटल 750 रूपये अतिरिक्त (2500 रूपये प्रति क्विंटल) 11250 (15 क्विंटल धान प्रति एकड़ के हिसाब से)

ऽ              केन्द्र सरकार की योजना में 5 एकड़ तक मात्र 6000 रूपये, जबकि छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 28250 रूपये, (5 एकड़ हेतु )1,41,250 रूपये।

इसके पूर्व 2003 से 2018 के बीच 15 वर्षों में राज्य की भाजपा सरकार द्वारा की गयी ऋण माफी

2004 में – 4.55 लाख किसानों के 105 करोड़

2012 में – 46 हजार किसानों के 24 करोड़

2015 में – 1.90 लाख किसानों के 130 करोड़

के ऋण माफ

15 बरसो में 259 करोड़, कांग्रेस ने दो माह में 11270 करोड़ यही है अंतर

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चुनावी जुमला मात्र है

न्यूनतम बेसिक आय योजना बहुत बेहतर और गरीब मजदूरों का खास ख्याल

ऽ              योजना की औपचारिक शुरूआत प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश से की है।

ऽ              योजना अंतर्गत सीमान्त एवं लघु कृषकों 5 एकड़ तक के भूमि स्वामी को प्रतिवर्ष 6000/- प्रति परिवार की दर से राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान। (2000/- की 3 किश्ते)

ऽ              योजना की प्रमुख कमियां-

(1)          छत्तीसगढ़ राज्य में कुल किसान – 37.46 लाख उनमें से सीमान्त एवं लघु कृषक 30 लाख। अपात्र श्रेणी के परिवारों को घटाने के बाद 25 लाख परिवारों से अधिक को योजना का लाभ प्राप्त नही होगा। एक वर्ष में प्राप्त होने वाली कुल संभावित राशि 25,00,000 x 6000 150,0000000 = 1500 करोड़ मात्र।

(2)          समाज के सबसे निचले/अभावग्रस्त तबके भूमिहीन श्रमिकों को योजना का लाभ नहीं। एक  अनुमान के अनुसार देश के 14 करोड़ व्यक्ति भूमिहीन मजदूर की श्रेणी में है।

(3)          वर्तमान एवं भूतपूर्व संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति, वर्तमान एवं भूतपूर्व मंत्री/राज्य मंत्री,

विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष के व्यक्तियों वाले परिवारों को योजना का लाभ नहीं।

वर्तमान एवं भूतपूर्व जन प्रतिनिधि होना क्या लाभ का पद है ? या सभी जन प्रतिनिधि संपन्न  वर्ग के माने जायेंगें ?

राहुल जी द्वारा जो न्यूनतम बेसिक आय योजना लागू करने का वादा किया है, उस योजना में इन सभी कमियों को दूर करके सबसे गरीब वर्ग के हितों को संरक्षित किया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गड़बड़ियों ने पहले ही इस सरकार की किसानों के प्रति सोच उजागर कर दी है।

भाजपा ने 2014 के घोषणा पत्र में किसानों को फसल के लागत एवं समर्थन मूल्य पर 50 प्रतिशत का वायदा किया था। उसे पूरा किया नहीं।

भाजपा और कांग्रेस की ऋणमाफी का अंतर

भाजपा और कांग्रेस की सहायता का अंतर

भाजपा और कांग्रेस के बीच समर्थन मूल्य का अंतर

कांग्रेस गरीब मजदूर किसानों के साथ खड़ी है और भाजपा कोरी जुमलेबाजी ही करती है

मोदी जी द्वारा 2019 के बजट में 5 एकड के किसानों को 6000 रूपये देने की घोषणा अर्थात साल में तीन बार 2000 रूपये की राशि अर्थात प्रति दिन 17 रू. किसानों को देकर सम्मान नही बल्कि अपमान कर रही हैं, और पुनः 2014 चुनाव की भांति किसानों को भ्रमित करके वोट लेकर सता हथियाने का प्रयास कर रही है। जो पूरा नहीं होगा।

किसानों को 6000 रूपये का सम्मान देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों के परिवार का माखौल उडा रहे है। किसान दाम्पति सहित अपने 3 बच्चों को जोडते है तो परिवार के एक सदस्य को प्रति दिन 3 रूपये का सम्मान राशि मिल रहा है जो किसानों के लिये शर्मनाक स्थिति है।

मोदी सरकार के किसान विरोधी नीतियों का कांग्रेस पार्टी हमेशा विरोध करते आई है और करते रहेगी। कांग्रेस पार्टी किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ एवं मजबूत करने की दिशा में हमेशा कार्य करते रही है।

Chhattisgarh: भाजपा के लिये न किसान और न धान, बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण घोटाला धान और घोटाला नान, पढ़िए पत्रकारवार्ता के प्रमुख बिन्दु

रायपुर। (Chhattisgarh) प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन एवं कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी के पत्रकारवार्ता के प्रमुख बिन्दु….

भाजपा आंदोलन न करें भाजपा किसानों को हिसाब दे

(Chhattisgarh) भाजपा के लिये न किसान और न धान : रहा महत्वपूर्ण घोटाला धान और घोटाला नान

1.            (Chhattisgarh) केन्द्र की भाजपा सरकार के किसान विरोधी कानूनों पर हिसाब दे।

2.            (Chhattisgarh) भाजपा के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्रों में 2022 में आय दुगनी करने और स्वामिनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने जैसे वादों का हिसाब दे।

3.            राज्य में 15 साल किसानों के साथ हुये अन्याय एवं भेदभाव का हिसाब दे।

4.            15 साल में हुयी किसान आत्महत्याओं का हिसाब दे।

5.            15 सालों में छत्तीसगढ़ में हुयी किसानों से धोखाधड़ी और वादाखिलाफी का हिसाब दे।

भाजपा के 15 साल में छत्तीसगढ़ में किसानों से किया गया छल

छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की 15 साल में की गयी धोखाधड़ी एक-एक दाना धान खरीद।

5 हासपावर पंपो की मुफ्त बिजली

2100 रू. समर्थन मूल्य

300 रू. बोनस।

किसान आत्म हत्याओं पर संवेदना शून्य बनी रही भाजपा सरकार।

केन्द्र की भाजपा सरकार की धोखाधड़ी

2022 में आय दुगनी करने का कोई रोड मैप नहीं।

स्वामिनाथन कमेटी लागू नहीं – मापदंड बदल दिये।

किसान कानून – 1 – प्राईवेट मंडी

किसान कानून – 2 – कान्टेक्टफार्मिंग

किसान कानून – 3 – बड़े जमाखोरों और बड़े मुनाफाखोरो को खुली छूट।

छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को केन्द्र सरकार के किसान कानूनों पर विश्वास नहीं है।

न किसी भी भाजपा नेता को प्राईवेट मंडी में बेचा न किसी अन्य राज्य में बेचने गये।

चूंकि जिलास्तर का आंदोलन है। 28 जिलों के प्रमुख भाजपा नेताओं की धान बिक्री का विवरण जारी कर रहे है।

भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वर से कांग्रेस की चुनौती भाजपा शासित राज्यों में किसानों को धान का दाम और धान खरीदी की स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करें।

आंदोलन करने का इतना ही शोक है। तो भाजपा नेता दिल्ली जाये। छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में धान बेचने वाले भाजपा नेताओं को धान खरीदी पर आंदोलन में शामिल होने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

किसान सम्मान निधि नहीं है सम्मान

भाजपा करती है किसानों का अपमान

किसानों को अनुदान नहीं है उनका सच्चा सम्मान

किसान चाहते है अपनी फसल का सही दाम

3 रू. प्रतिदिन और वह भी कुछ ही परिवारों को

नहीं है मजदूर किसानों का सही सम्मान

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने किया है किसानों का सही सम्मान

ऽ              लाख किसानों के 11270 करोड़ रूपये की ऋण माफी। (5000 करोड़ रूपये व्यवसायिक बैंकों का सम्मिलित)

धान खरीदी रिकार्ड 80 लाख टन से अधिक। 2500/रूपये प्रति क्विंटल की दर से/समर्थन मूल्य 1750/- प्रति क्विंटल से 750 प्रति क्विंटल अधिक कुल लाभ – 8 करोड़ क्विंटल ग 750/- 6000 करोड़ का अतिरिक्त लाभ।

ऽ              प्रति एकड़ किसानों को 28250 रूपये का लाभ

1              प्रति एकड़ कर्जा माफी-17000

2              प्रति क्विंटल 750 रूपये अतिरिक्त (2500 रूपये प्रति क्विंटल) 11250 (15 क्विंटल धान प्रति एकड़ के हिसाब से)

ऽ              केन्द्र सरकार की योजना में 5 एकड़ तक मात्र 6000 रूपये, जबकि छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 28250 रूपये, (5 एकड़ हेतु )1,41,250 रूपये।

इसके पूर्व 2003 से 2018 के बीच 15 वर्षों में राज्य की भाजपा सरकार द्वारा की गयी ऋण माफी

2004 में – 4.55 लाख किसानों के 105 करोड़

2012 में – 46 हजार किसानों के 24 करोड़

2015 में – 1.90 लाख किसानों के 130 करोड़

के ऋण माफ

15 बरसो में 259 करोड़, कांग्रेस ने दो माह में 11270 करोड़ यही है अंतर

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चुनावी जुमला मात्र है

न्यूनतम बेसिक आय योजना बहुत बेहतर और गरीब मजदूरों का खास ख्याल

ऽ              योजना की औपचारिक शुरूआत प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश से की है।

ऽ              योजना अंतर्गत सीमान्त एवं लघु कृषकों 5 एकड़ तक के भूमि स्वामी को प्रतिवर्ष 6000/- प्रति परिवार की दर से राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान। (2000/- की 3 किश्ते)

ऽ              योजना की प्रमुख कमियां-

(1)          छत्तीसगढ़ राज्य में कुल किसान – 37.46 लाख उनमें से सीमान्त एवं लघु कृषक 30 लाख। अपात्र श्रेणी के परिवारों को घटाने के बाद 25 लाख परिवारों से अधिक को योजना का लाभ प्राप्त नही होगा। एक वर्ष में प्राप्त होने वाली कुल संभावित राशि 25,00,000 x 6000 150,0000000 = 1500 करोड़ मात्र।

(2)          समाज के सबसे निचले/अभावग्रस्त तबके भूमिहीन श्रमिकों को योजना का लाभ नहीं। एक  अनुमान के अनुसार देश के 14 करोड़ व्यक्ति भूमिहीन मजदूर की श्रेणी में है।

(3)          वर्तमान एवं भूतपूर्व संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति, वर्तमान एवं भूतपूर्व मंत्री/राज्य मंत्री,

विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष के व्यक्तियों वाले परिवारों को योजना का लाभ नहीं।

वर्तमान एवं भूतपूर्व जन प्रतिनिधि होना क्या लाभ का पद है ? या सभी जन प्रतिनिधि संपन्न  वर्ग के माने जायेंगें ?

राहुल जी द्वारा जो न्यूनतम बेसिक आय योजना लागू करने का वादा किया है, उस योजना में इन सभी कमियों को दूर करके सबसे गरीब वर्ग के हितों को संरक्षित किया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गड़बड़ियों ने पहले ही इस सरकार की किसानों के प्रति सोच उजागर कर दी है।

भाजपा ने 2014 के घोषणा पत्र में किसानों को फसल के लागत एवं समर्थन मूल्य पर 50 प्रतिशत का वायदा किया था। उसे पूरा किया नहीं।

भाजपा और कांग्रेस की ऋणमाफी का अंतर

भाजपा और कांग्रेस की सहायता का अंतर

भाजपा और कांग्रेस के बीच समर्थन मूल्य का अंतर

कांग्रेस गरीब मजदूर किसानों के साथ खड़ी है और भाजपा कोरी जुमलेबाजी ही करती है

मोदी जी द्वारा 2019 के बजट में 5 एकड के किसानों को 6000 रूपये देने की घोषणा अर्थात साल में तीन बार 2000 रूपये की राशि अर्थात प्रति दिन 17 रू. किसानों को देकर सम्मान नही बल्कि अपमान कर रही हैं, और पुनः 2014 चुनाव की भांति किसानों को भ्रमित करके वोट लेकर सता हथियाने का प्रयास कर रही है। जो पूरा नहीं होगा।

किसानों को 6000 रूपये का सम्मान देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों के परिवार का माखौल उडा रहे है। किसान दाम्पति सहित अपने 3 बच्चों को जोडते है तो परिवार के एक सदस्य को प्रति दिन 3 रूपये का सम्मान राशि मिल रहा है जो किसानों के लिये शर्मनाक स्थिति है।

मोदी सरकार के किसान विरोधी नीतियों का कांग्रेस पार्टी हमेशा विरोध करते आई है और करते रहेगी। कांग्रेस पार्टी किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ एवं मजबूत करने की दिशा में हमेशा कार्य करते रही है।

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