छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया को मिली सशर्त जमानत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रहीं सौम्या चौरसिया को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, यह राहत कुछ कड़ी शर्तों के साथ आई है, जिसके कारण उनकी जेल से रिहाई में अभी लगभग 45 दिनों का समय और लग सकता है।
सौम्या चौरसिया को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि ED के मामले में धारा 45 के तहत उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध प्रथम दृष्टया सिद्ध नहीं पाया गया है, जिसके आधार पर उन्हें बेल दी गई है। वहीं, EOW के मामले में कोर्ट ने शर्त रखी है कि जिस दिन इस केस में चार्जशीट पेश की जाएगी, उसी दिन से उनकी जमानत प्रभावी होगी। उनके वकील के अनुसार, इस प्रक्रिया में करीब डेढ़ महीने का समय लगेगा।
क्या है शराब घोटाला
ED की जांच के अनुसार, तत्कालीन सरकार के दौरान अधिकारियों और शराब कारोबारियों के एक सिंडिकेट ने करीब 3200 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। इसमें अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा जैसे नाम प्रमुखता से सामने आए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध रूप से धन उगाही कर सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई गई थी।





