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छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अब ‘गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल’: विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित, साय सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए ‘छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक के बाद अब ‘छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल’ का नाम बदलकर ‘छत्तीसगढ़ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल’ कर दिया गया है। यह बदलाव केवल नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह मंडल एक आधुनिक और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में काम करेगा।

मुख्यमंत्री साय बोले- आवास और विकास को मिलेगी नई गति

विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह कानून राज्य में आवासीय और शहरी अधोसंरचना को नई दिशा देगा। सरकार का लक्ष्य ‘संकल्प से सिद्धि’ के मंत्र के साथ प्रदेश में योजनाबद्ध शहरी विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। इससे आम नागरिकों को न केवल किफायती मकान मिलेंगे, बल्कि शहरों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

मंडल हुआ कर्जमुक्त, 3,050 करोड़ की नई योजनाएं शुरू

सदन में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार ने 735 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर मंडल को पूरी तरह ऋणमुक्त कर दिया है। पिछले दो वर्षों में मंडल ने 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) के तहत 2,000 ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों के निर्माण को भी स्वीकृति मिल चुकी है।

शहरी कॉरिडोर और रिडेवलपमेंट पर जोर

मंत्री चौधरी ने भविष्य का खाका खींचते हुए कहा कि रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को एकीकृत कर एक ‘शहरी कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, 650 करोड़ रुपये की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार है। मंडल वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 में से 27 जिलों में सक्रिय है और अब रजिस्ट्री के साथ ही भौतिक कब्जा (Physical Possession) सुनिश्चित किया जा रहा है।

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