संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी छत्तीसगढ़ सरकार: 49 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 152 राहत शिविर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ के बीच राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं।

प्रदेशभर में अब तक 49 हजार 793 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावितों के लिए 152 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 11 हजार 945 से अधिक लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

1 जून से 30 सितंबर के बीच हुई बारिश, खासकर 23 से 29 सितंबर की मूसलाधार बारिश और बाढ़ से प्रदेश के 22 से अधिक जिले प्रभावित हुए। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से 1,083 गांवों के 74 हजार 130 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए। सबसे ज्यादा असर दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर में रहा। सुकमा के 25 गांवों के 40 हजार 714 और बस्तर के 145 गांवों के 20 हजार 212 लोग प्रभावित हुए।

सुकमा में 40 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

बचाव अभियान के दौरान अकेले सुकमा में 40 हजार से ज्यादा और रायपुर में 5,600 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों में भोजन और रहने की व्यवस्था की है।

जनहानि और मकान क्षति पर भी राहत

बाढ़ और बारिश से संबंधित हादसों में अब तक 15 लोगों की मौत हुई है। 1,220 से ज्यादा पशुधन की हानि हुई। 2,103 मकान पूरी तरह और 7,947 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 6,154 हेक्टेयर से ज्यादा फसल प्रभावित हुई है।

सरकार के अनुसार जनहानि पर 16 लाख रुपए, पशुहानि पर 26.17 लाख रुपए और मकान क्षति के लिए 1.61 करोड़ रुपए से ज्यादा की सहायता वितरित की जा चुकी है। फसल क्षति के लिए 12.82 लाख रुपए जारी हुए हैं। कुल मिलाकर 2.16 करोड़ रुपए से अधिक की क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत और वितरित की गई है।

प्रभावित जिलों में राजस्व और पटवारी टीमें शेष नुकसान का आकलन कर रही हैं। सरकार ने पात्र परिवारों को राहत राशि जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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