
अनिल गुप्ता@दुर्ग. जिले में लगातार हो रही वर्षा ने लोगों के जनजीवन को काफी प्रभावित कर रखा है । अतिवर्षा की वजह से जलाशयों में पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है । जिले की जीवन दायनी नदी शिवनाथ की बात करें तो सामान्य से लगभग 9 से 10 फ़ीट ऊपर पानी बह रहा है ।
वर्तमान में पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश और मोगरा बैराज़ से लगभग 54 से 55 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है । नदी के किनारे के इलाके में जहां हॉर्टिकल्चर की फसलें लगी है वहां किसानों को काफी नुकसान होने की संभावना है । हालांकि बारिश के बंद होने और जलभराव के कम होने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल पाएगा ।
सोलह और धमधा ब्लॉक के लगभग बीस गाँव डुबान क्षेत्र में
शिवनाथ नदी से लगे तटीय गाँवो की बात करें तो दुर्ग ब्लॉक के सोलह और धमधा ब्लॉक के लगभग बीस गाँव डुबान क्षेत्र में आते हैं । दोनों ही ब्लॉकों के करीब दो दर्जन गाँव अतिवर्षा के शिकार हुए हैं । जिसमें डांडेसरा ग्राम पंचायत का मोटा मोटी दो सौ से ज़्यादा एकड़ खेत की फसल टोटल लॉस में हैं, क्योंकि पानी इतना भर गया है कि ना तो खेत समझ में आ रहा है ना ही मेढ़। डुबान क्षेत्रों में फँसे लोगों की रेस्क्यू में लगे एसडीआरएफ की टीम ने शिवनाथ नदी के उफान को देखते हुए आसपास के लोगों को एलर्ट कर दिया है ।
जिला प्रशासन बारिश कम होने का कर रही इतंजार
हाल फिलहाल जिला प्रशासन इस इतंजार में है कि बारिश बंद हो और नुकसान का जायज़ा लिया जाए । क्योंकि भारी बारिश की वजह से किसानों को बड़े नुकसान की संभावना है ।