भारत में मौसम का बदला मिजाज: मानसून की विदाई शुरू, बिहार-यूपी में बाढ़ का असर; कई राज्यों में बारिश

नई दिल्ली। देशभर में मानसून की विदाई के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने लगी हैं, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर शुरू हो चुका है।

नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के निचले इलाकों में पानी बढ़ा है। वाल्मीकिनगर बैराज से 5.43 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर नजर बढ़ा दी है।

यूपी में बारिश के बाद राहत के संकेत

उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई तेज बारिश से कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी। बारिश के कारण कई जगह मकान और फसलें प्रभावित हुईं। अब बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है।

कई राज्यों में अभी बारिश का दौर

मानसून की वापसी के बावजूद महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और कुछ दक्षिणी राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

उत्तराखंड और हिमाचल में बदलेगा मौसम

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ चुका है। मौसम साफ होने के साथ कई इलाकों में सुबह और रात के तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। उत्तर भारत में मानसून की वापसी के साथ मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने की ओर बढ़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी को तय करने में बारिश की गतिविधि, निचले स्तर की हवाओं और वातावरण में नमी जैसे संकेतों को देखा जाता है। इसलिए किसी क्षेत्र से मानसून की विदाई और वहां बारिश का पूरी तरह खत्म होना एक ही बात नहीं है।

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