बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस की बर्बरता और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है।
चकरभाठा थाना प्रभारी (TI) उमेश साहू पर आरोप है कि उन्होंने ‘गुरु नानक ढाबा’ के संचालक कुशल माखीजा के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उनकी दाढ़ी खींचकर सिख समाज की धार्मिक मर्यादा का भी अपमान किया।
घटना का विवरण
मामला सोमवार शाम का है, जब पुलिस ढाबे पर खड़ी एक बिना नंबर की बाइक को जब्त कर थाने ले गई थी। जब संचालक कुशल माखीजा रात करीब 8:30 बजे जानकारी लेने थाने पहुंचे, तो आरोप है कि टीआई उमेश साहू उन पर भड़क गए।
टीआई ने युवक के साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर उनकी दाढ़ी खींचते हुए पिटाई शुरू कर दी। युवक का मोबाइल छीन लिया गया और उन्हें रात भर थाने में बैठाए रखने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
लगभग 4 घंटे तक अपराधियों जैसा व्यवहार करने के बाद उन्हें रात 11:30 बजे छोड़ा गया। मंगलवार को पीड़ित ने सिख समाज के पदाधिकारियों के साथ एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई।
एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी निमितेश को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। टीआई उमेश साहू पहले भी विवादों में रहे हैं।
उन पर बिल्हा में अवैध उगाही और जांजगीर-चांपा के पामगढ़ में आरक्षकों के साथ विवाद के आरोप लग चुके हैं। स्थानीय लोग उन्हें ‘सनकी मिजाज’ का अधिकारी बता रहे हैं। सिख समाज ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी पुलिस अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
